किसान आंदोलन : शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर के 'पड़ाव' स्थल से अब आ गई ये खबर, हर तरफ हो रही चर्चा

बदल गया शाहजहांपुर-खेडा बॉर्डर का नज़ारा, किसान पड़ाव स्थल पर बनकर तैयार हुए मजबूत तंबू, गर्मी से बचाव का भी रखा गया ख़ास ख्याल, लगे कूलर, आंधी-तूफ़ान-तेज़ बरसात ने कई बार पहुंचाया नुकसान, किसान नेता राकेश टिकैत के निर्देश पर बने ‘पक्के आशियाने’, किसान नेताओं ने कहा, ‘जारी रहेगा संघर्ष, कम नहीं कर सकते हौंसले’

 

By: nakul

Published: 13 Jun 2021, 01:13 PM IST

जयपुर।

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन को आज 200 दिन पूरे हो गए हैं। लेकिन केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अलवर के नज़दीक राजस्थान-हरियाणा सीमा पर स्थित शाहजहांपुर-खेड़ा बोर्डर पर किसानों के पड़ाव स्थल की शक्ल पूरी तरह से बदल गई है। पड़ाव स्थल पर डटे किसानों ने अब तक बने अस्थाई तम्बुओं को वहां से हटाकर अब पक्के ‘आशियाने’ बना लिए हैं। साफ़ है कि किसानों ने इन मजबूत निर्माणों के साथ ही अपने मजबूत इरादे भी जता हैं।

 

आंधी-तूफ़ान से बचने के लिए अब पक्के निर्माण
दरअसल, विगत दिनों में आंधी-तूफ़ान और तेज़ बरसात ने किसानों के पड़ाव स्थल पर कई बार भारी नुकसान पहुंचाया। प्राकृतिक विपदा कभी किसानों के तम्बुओं को उड़ा ले गई तो कभी उनके इस अस्थाई रहवास में काफी तबाही मचाई। इन परिस्थितियों के मद्देनज़र अब किसान नेताओं की पहल पर यहाँ मजबूत निर्माण बना दिए गए हैं।

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‘आशियानों’ में लगे कूलर
तम्बुओं से पक्के ‘आशियाने’ में तब्दील हुए निर्माण में भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए भी ख़ास इंतज़ाम किये गए हैं। कई नए और मजबूत निर्माण यहाँ उन सामग्रियों को काम में लेते बनाए गए हैं जिनसे गर्मी का असर कम रहता है। यही नहीं कुछ निर्माणों में तो भीषण गर्मी से बचने के लिए बाकायदा कूलर्स तक लगाए गए हैं।

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लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी है: मील
भारतीय किसान यूनियन के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील ने कहा है कि हमारे मोर्चे पर आशियानों को मजबूत किया गया है, हम लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे है। किसानों का दृढ़ स्टैंड है कि जब तक तीनों काले कानून निरस्त ना हो और एमएसपी पर कानून ना बने तब तक किसान आन्दोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

किसान नेता राजाराम मील ने मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि अपने ही नागरिकों को अत्यधिक मौसम में सड़कों पर सोते देखना सरकार के लिए एक बड़ा अपमान है। फिर भी मोदी सरकार मौन है।

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टिकैत भी ले चुके नुकसान का जायज़ा
शाहजहांपुर-खेडा बोर्डर पर जारी किसानों के पड़ाव स्थल पर पिछले दिनों आंधी-तूफ़ान और तेज़ बरसात से हुए नुकसान का जायज़ा लेने किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे। तब टिकैत ने ही ही किसान आंदोलन लंबा चलने का ज़िक्र करते हुए पड़ाव स्थल के निर्माणों को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। टिकैत ने कहा था कि चाहे आंधी, तूफ़ान या बारिश आये, किसानों के हौंसले कम नहीं होंगे। इसके बाद प्रदेश के किसान नेताओं की मौजूदगी में अब पक्के और मजबूत तम्बू बना दिए गए हैं।

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