
ashok gehlot
जयपुर। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर हुए सोमवार को हुए राज्य स्तरीय शिलान्यास और लोकार्पण वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इशारों ही इशारों में आमागढ़ मामले को सियासी और धार्मिक रंग देने वालों पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कुछ लोग धरोहर के बीच में ,जाति, धर्म, संप्रदाय के बीच फूट डालने की कोशिश करते हैं।
आमागढ़ मामले में इसी तरह की कोशिश हुईं लेकिन विधायक रामकेश मीणा ने अच्छे तरीके से उसे सुलझा दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी धरोहरों संबंधित जो भी ज्ञापन भेजे गए हैं उनका परीक्षण करवाएंगे और जल्दी काम पूरे करवाएंगे। बेणेश्वर धाम भी एक बड़ा आदिवासी धरोहर हैं।
बेणेश्वर धाम का विकास बोर्ड बनाया है। सीएम ने कहा कि आदिवासी धरोहरों के काम बेहतर तरीकों से हो, इसका ध्यान रखेंगे। सीएम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाने में हमने कोई कमी नहीं रखी है। अब समय आ गया है कि क्वॉलिटी ऑफ लाइफ बढ़े और गरीबी-अमीरी के बीच का अंतर खत्म हो।
सीएम गहलोत ने कहा कि आदिवासी आज भी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और प्रकृति को सुरक्षित रखे हुए हैं। शुरू से ही समाज और सरकार की नजर में इनका मान-सम्मान रहा है, इन्होंने प्राचीन सभ्यता को बचाने के साथ आजादी की जंग में भी हिस्सा लिया। सीएम गहलोत ने कहा कि सरकार आदिवासियों का पूरा ध्यान रख रही है और हम इनके लिए अच्छे फैसले करना चाहते हैं।
गुजरात पैटर्न पर आदिवासियों के लिए अलग बजट की मांग
समारोह में उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने मांग उठाई कि गुजरात पैटर्न पर आदिवासियों के बजट आवंटन होना चाहिए। उन्होंने टीएसपी एरिया में सभी नौकरियां टीएसपी क्षेत्र के लोगों को ही देने और कृषि बजट की तरह ट्राइबल एरिया के लिए भी अलग बजट के प्रावधान की भी मांग उठाई। वहीं जनजाति विकास मंत्री अर्जुन बामणिया ने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आदिवासी बच्चों की शिक्षा के को लेकर संजीदा हैं।
256 करोड़ की लागत के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आदिवासी समुदाय को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। सीएम ने 256 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने करीब 89 करोड़ रुपए की लागत के 185 कार्यों का शिलान्यास किया, जबकि करीब 167 करोड़ लागत के 43 कार्यों का लोकार्पण किया।
जिन 43 कार्यों का लोकार्पण किया गया है उनमें से 19 कार्य जनजाति विकास विभाग और शेष कार्य दूसरे विभागों की ओर से करवाए गए हैं। समारोह में मुख्यमंत्री ने जनजाति भागीदारी योजना और सामुदायिक वनाधिकार विकास योजना शुरू की।
वहीं, उदयपुर में हॉकी एकेडमी भी शुरू की गई। जनजाति छात्र-छात्राओं के लिए नई मूल्यांकन व्यवस्था की शुरुआत की गई। समारोह में उत्कृष्ट कार्यों के लिए शैक्षणिक संस्थाओं, मां-बाड़ी केन्द्रों, प्रगतिशील वन धन विकास केन्द्रों और राजकीय कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
Published on:
09 Aug 2021 09:50 pm
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