जान बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो और सख्ती करेंगे, तब ही बचेंगे: गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि देश-प्रदेश में आई कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले एक महीने में तबाही मचा दी है। राज्य में 15 दिन पहले की तुलना करें तो आंकड़े बहुत भयावह हैं।

By: santosh

Updated: 17 Apr 2021, 10:27 AM IST

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि देश-प्रदेश में आई कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले एक महीने में तबाही मचा दी है। राज्य में 15 दिन पहले की तुलना करें तो आंकड़े बहुत भयावह हैं। राज्य में रोजाना 30-35 मौतें हो रही हैं। जबकि पहली लहर के पूरे साल में एक दिन में 20 से ज्यादा मौतें नहीं हुई थी। वीकेंड लॉकडाउन या कर्फ्यू नहीं लगाना चाहते लेकिन लोग लापरवाह हो गए थे। मास्क लगाना छोड़ दिया। शादी-ब्याह में 500-1000 लोग जुटने लगे। जान बचाने के लिए और सख्ती करनी पड़ी तो करेंगे, तब ही बचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कोरोना से बनी परिस्थितियों को लेकर शुक्रवार रात 8 बजे प्रदेश के नाम जारी सन्देश में यह बात कही। उन्होंने हालात सामने रखे और कोरोना के खिलाफ गम्भीरता से लडऩे का आग्रह किया। उन्होंने कहा, लोगों का जीवन और गरीबों की आजीविका बचाना सरकार की प्राथमिकता है। जान है तो जहान है। शुक्रवार को भी 33 लोगों की जान गई। एक महीने पहले प्रतिदिन 250 केस थे, अब 7 हजार हो गए हैं। कोरोना का यह मिजाज बहुत खतरनाक है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि दूसरी लहर हमेशा खतरनाक होती है। इस बार यह बच्चों-युवाओं को भी संक्रमित कर रही है। जबकि पहली लहर में बुजुर्ग ज्यादा संक्रमित हो रहे थे।

कई राज्यों में श्मशानों में वेटिंग, हमारे यहां ऐसी स्थिति नहीं:
गहलोत ने कहा, कई राज्यों में श्मशानों में वेटिंग, खुले में दाह संस्कार और अस्पतालों के बाहर एम्बुलेंस की कतारों की डरावनी स्थितियां सामने आ रही हैं। हमारे यहां ऐसी स्थिति नहीं है। राजस्थान अभी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्यप्रदश, महाराष्ट्र से बहुत बेहतर स्थिति में है। महाराष्ट्र में हालात बहुत खराब हो चुके हैं। वहां रोजाना 50 हजार लोग संक्रमित हो रहे हैं। लोग मर रहे हैं।

रोज-खाने-कमाने वालों को ज्यादा तकलीफ:
मुख्यमंत्री ने कहा, तकलीफ उसे ज्यादा है जो रोज सुबह-शाम कमाकर खाता है। लेकिन सरकार की तैयारी पूरी है। पहली लहर में जरूरतमंद 35 लाख लोगों को 1000-1000 और फिर 1500 रुपए नकद भेजे। हाल ही 1000-1000 रुपए और भेजे हैं। एक-एक हजार और जल्द ही देंगे।

दवा-वैक्सीन की कमी हो गई:
गहलोत ने कहा, केंद्र में वक्सीन की कमी है, राज्यों को नहीं भेज रहे। यह चिंता का विषय है। हम केंद्र के सम्पर्क में हैं। दवाओं की भी कमी हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो कैजुअल्टी बढ़ेगी। केंद्र ने कहा है कि विदेशों से ऑक्सीजन लाएंगे। देश से बाहर देखें तो यूके ने कड़ा लॉकडाउन लगा दिया। उन्होंने सभी को तेजी से वैक्सीन लगाई। अब नाम मात्र के मरीज आ रहे हैं।

मैंने दूसरी डोज लगवाई, आप भी लगवाओ:
उन्होंने कहा, वैक्सीन से जान का खतरा कम हो जाता है। मैंने दूसरी डोज लगवा ली है, आपको भी लगवानी है। लेकिन दिमाग में रखें कि बचाव ही उपाय है, कोरोना हो ही क्यों। विशेषज्ञों ने कहा है कि कोरोना की लड़ाई अस्पतालों में नहीं बल्कि मैदान में लड़ी जाती है। इसके मायने हैं। हम मास्क लगाएं, हाथ बार-बार धोएं।

सरकार साथ, हौसला बुलंद रखें:
गहलोत ने कहा, पिछली बार 11-12 महीने तक जो साथ दिया, उसके बूते राजस्थान ने कोरोना की जंग जीती। अब भी हौसला बुलंद रखें, सरकार साथ खड़ी है। पहली लहर में बहुत सुधार किया, अब और सुधार करेंगे। पूरी तरह गांवों के सरपंचों तक के सम्पर्क में रहेंगे।

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