बाहर से आए 1.77 लाख प्रवासी मजदूरों को जारी किए मनरेगा जॉब कार्ड

— पायलट ने गर्मी में काम के घंटे कम करने के लिए लिखा केन्द्र को पत्र

By: Pankaj Chaturvedi

Published: 30 May 2020, 07:01 PM IST

जयपुर। कोरोना काल में देश के अन्य राज्यों से वापस राजस्थान लौट रहे प्रवासियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा रेाजगार का विकल्प बन रही है। सरकार ने विभिन्न राज्यों से लौटे 1.77 लाख प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड जारी किए हैं। योजना के तहत प्रतिदिन औसतन पांच हजार नए कार्ड बनाए जा रहे हैं। इधर, प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने केन्द्र सरकार से मनरेगा मजदूरों के कार्य की अवधि में कमी करने की भी मांग की है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इसके लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है। पायलट ने शनिवार को बताया कि पिछले वर्ष 30 मई को योजना के तहत 33.02 लाख श्रमिक नियोजित थे वहीं इस वर्ष 42.80 लाख श्रमिक नियोजित हुए हैं। लॉकडाउन से जहां रोजगार के अवसर बंद हो गए हैं, वहीं मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं पिछडे लोगों के लिए संजीवनी साबित हुई हैं। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका अपने भारत नवनिर्माण अभियान के तहत बाहर से आए प्रवासियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने के मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठा रहा है।

11 बजे तक लौट सकें मजदूर

पायलट ने कहा कि प्रदेशभर में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है तथा 27 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केन्द्र से मांग की गई है कि श्रमिकों के कार्य समय एवं टास्क में कमी की जाए, जिससे श्रमिक सुबह 11 बजे तक घर लौट सके। निर्धारित समय से पूर्व यदि कोई श्रमिक या श्रमिक समूह टास्क पूरा कर लेता है तो वह कार्य की माप अंकित करवाकर कार्यस्थल छोड सकता है। पायलट ने किसी भी श्रमिक को टास्क पूर्ण करने के बाद अनावश्यक रूप से कार्यस्थल पर नहीं रोकने और पेयजल, छाया, मेडिकल किट, ओआरएस घोल, बच्चों के पालने जैसी समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

Pankaj Chaturvedi
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned