scriptgroupism came in the appointment of Congress District President | कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में गुटबाजी का पेंच फंसा, डेढ़ दर्जन जिलों में आमने-सामने दिग्गज | Patrika News

कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में गुटबाजी का पेंच फंसा, डेढ़ दर्जन जिलों में आमने-सामने दिग्गज

-अपने-अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने में अड़े गहलोत-पायलट गुट, कई जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर मंत्रियों के बीच भी खींचतान,पीसीसी चीफ के गृह जिले में भी दिग्गज विधायक आमने-सामने

जयपुर

Published: November 28, 2021 10:48:59 am

फिरोज सैफी/जयपुर।

प्रदेश कांग्रेस में पिछले डेढ़ साल से भंग जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने भले ही कवायद तेज कर दी हो और दावे किए जा रहे हों कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति शीघ्र हो जाएगी, लेकिन प्रदेश के तकरीबन डेढ़ दर्जन जिले ऐसे हैं जहां पर जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर खींचतान चल रही है।

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अपने-अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर गहलोत पायलट गुट के साथ-साथ सरकार के मंत्री भी आमने-सामने हो गए हैं, जिसके चलते अब इन जिलों में गुटबाजी का पेंच फंस गया है। गुटबाजी के चलते इन जिलों में किसी भी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है, यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से फिलहाल उन्हें जिलों के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी जहां पर कोई विवाद नहीं है और जिन जिलों में नामों को लेकर गुटबाजी का पेच फंसा हुआ है उन जिलों का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ा जा सकता है। ऐसे में कहा यही जा रहा है कि विवाद वाले जिलों में नियुक्तियां अगले साल ही हो पाएंगीं।

मंत्री भी हुए आमने-सामने
मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद राज्यमंत्री से कैबिनेट में प्रमोट किए गए कई मंत्री भी अब जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर वरिष्ठ मंत्रियों को चुनौती दे रहे हैं और अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।

इन जिलों में दिग्गज आमने- सामने

जयपुर शहर
कांग्रेस जिलाध्यक्षों में सबसे प्रभावशाली माने जाने वाले जयपुर शहर अध्यक्ष के लिए अशोक गहलोत खेमे के नेता ही आमने-सामने हैं। जयपुर शहर अध्यक्ष पद के लिए गहलोत कैंप के ही महेश जोशी और प्रताप सिंह खाचरियावास और अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने की लॉबिंग कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने एक समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगाए हुए हैं तो वहीं सचिन पायलट भी अपने समर्थक को जयपुर शहर अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। ऐसे में जयपुर शहर अध्यक्ष को लेकर खींचतान बनी हुई है।

जयपुर देहात
जयपुर देहात जिला अध्यक्ष पद को लेकर भी अशोक गहलोत कैंप सचिन पायलट कैंप के बीच खींचतान है । पायलट कैप के मनीष यादव यहां जिला अध्यक्ष बनने की लॉबिंग कर रहे हैं तो वहीं गहलोत कैंप के माने जाने वाले विधायक गोपाल मीणा भी अध्यक्ष बनने के लिए लॉबिंग रहे हैं। इसके अलावा गहलोत कैंप के ही मंत्री लालचंद कटारिया और राजेंद्र यादव अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने कर रहे हैं।

दौसा
दौसा जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी यहां गहलोत-पायलट गुट आमने-सामने हैं। सचिन पायलट यहां अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो गहलोत कैंप के माने जाने वाले वरिष्ठ मंत्री परसादी लाल मीणा अपने समर्थक के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री ममता भूपेश अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग कर रही है।


अजमेर शहर-देहात
अजमेर शहर और देहात जिलाध्यक्षों को लेकर भी यहां सचिन पायलट कैंप और अशोक गहलोत के सामने-सामने हैं। अजमेर शहर और देहात दोनों जगह सचिन पायलट अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो वहीं गहलोत कैंप के माने जाने वाले पूर्व मंत्री रघु शर्मा अजमेर शहर और देहात दोनों पर अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने की लॉबिंग कर रहे हैं। ऐसे में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में यहां भी पेच फंसा हुआ है।

भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले में भी जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर खींचतान जारी है। भीलवाड़ा से लोकसभा सांसद रह चुके विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने का प्रयास कर रहे हैं। निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा भी सीपी जोशी समर्थक हैं तो वहीं गहलोत कैंप के माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री रामलाल जाट और खेल मंत्री अशोक चांदना भी अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। ऐसे में भीलवाड़ा में जिलाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर गहलोत गुट के नेता ही आमने-सामने हैं।


उदयपुर
उदयपुर जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी गहलोत कैंप के नेता ही आमने-सामने हैं। यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले पूर्व सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रघुवीर मीणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ गिरजा व्यास अपने-अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने की लॉबिंग कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर रघुवीर मीणा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से बंद कमरे में लंबी मुलाकात भी की थी।

बांसवाड़ा
बांसवाड़ा जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी खींचतान बनी हुई है। यहां भी गहलोत कैंप के ही दिग्गजों के बीच जोर आजमाइश चल रही है। गहलोत के माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय और राज्य मंत्री अर्जुन बामणिया अपने-अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।


सीकर
जिलाध्यक्ष के को लेकर सबसे ज्यादा खींचतान सीकर जिले में देखने को मिल रही है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का गृह क्षेत्र होने के चलते पीसीसी चीफ डोटासरा यहां अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं लेकिन यहां प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी नारायण सिंह, वरिष्ठ विधायक राजेंद्र पारीक, परसराम मोरदिया और दीपेंद्र सिंह शेखावत अपने समर्थकों को जिला अध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगाए हुए हैं।

झुंझुनूं
झुंझुनूं जिला अध्यक्ष पद को लेकर भी जोर आजमाइश चल रही है। झुंझुनूं में भी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं लेकिन यहां पायलट कैंप के माने जाने वाले राज्य मंत्री बृजेंद्र ओला और अशोक गहलोत के सलाहकार राजकुमार शर्मा अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

भरतपुर
भरतपुर जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी खींचतान बनी हुई है। यहां भी गहलोत गुट के नेता ही आमने-सामने है। गहलोत कैंप के माने जाने वाले वरिष्ठ मंत्री विश्वेंद्र सिंह अपने किसी समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगाए हुए हैं तो गहलोत कैंप के माने जाने वाले मंत्री सुभाष गर्ग अपने किसी समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसके साथ ही गहलोत कैंप की ही राज्यमंत्री जाहिदा खान भी अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग कर रही हैं।


बीकानेर शहर-देहात
बीकानेर शहर और देहातअध्यक्ष पद को लेकर भी खींचतान बनी हुई है। कैबिेट मंत्री बीडी कल्ला और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी यहां अपने समर्थकों को जिलाध्य़क्ष बनाना चाहते हैं तो गहलोत कैंप के माने जाने वाले राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी और पूर्व मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगाए हुए हैं।

नागौर
नागौर जिलाध्यक्ष के नामों को लेकर भी खींचतान बनी हुई हैं। यहां पायलट कैंप के युवा विधायकों रामनिवास गावड़िया और मुकेश भाकर अपने समर्थकों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं तो पू्र्व सांसद ज्योति मिर्धा अपने किसी समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगाए हुए हैं। गहलोत कैंप के माने जाने वाले चेतन डूडी अपने समर्थक के लिए जोर लगाए हुए हैं।

धौलपुर
धौलपुर जिले में जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर गहलोत गुट के विधायक ही आमने सामने हैं। विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा और गिरिराज मलिंगा अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो विधायक रोहित बोहरा और उनके पिता वित्त आयोग के चेयरमैन प्रद्युमन सिंह अपने समर्थक को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं।

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