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एसएमएस अस्पताल में एक महीने में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट

- 18 वर्षीय आदित्य ने तीन लोगों को दिया जीवनदान

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जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल के चिकित्सकों ने एक बार फिर हार्ट ट्रांसप्लांट कर अस्पताल का नाम रोशन किया। बंख्तावाली लादूवाला, गंगानगर के 18 वर्षीय आदित्य के ब्रेन डेड होने के बाद उसके दिल को अलवर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि रीसिपियंट(जिसे हार्ट लगाया गया) की हालत गंभीर है। तीन दिन बाद ही स्थिति के बारे में बता सकते हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि अलवर निवासी रीसिपियंट की वर्ष 2011 में पहले भी सर्जरी हुई थी। उसके बाद से हार्ट फेलयोर होने लग गया। 10-15 प्रतिशत हार्ट फंक्शन काम कर रहा था। रीसिपियंट को पिछली बार हार्ट ट्रांसप्लांट के दौरान बुलाया गया था। उस समय मेचिंग नहीं हो सकी थी। इसलिए बामनवास निवासी 17 वर्षीय किशोर के हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया था। चिकित्सकों का दावा है कि देश में पहला सरकारी संस्थान है, जिसने एक महीने में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट किया।

छह घंटे चला ऑपरेशन
अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा ने बताया कि 3 फरवरी को गंगानगर के आदित्य की सड़क दुर्घटना हैड इंजरी हुई थी। बीकानेर के अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां चिकित्सकों ने 6 फरवरी को बीकानेर से एंबुलेंस के जरिए यहां लाया गया। 11 फरवरी को ब्रेन डेथ घोषित किया गया। परिजनों की सहमति के बाद टीम ने छह घंटे तक ऑपरेशन किया। सुबह दस बजे हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ। साथ ही किडनी भी प्रत्यारोपित की गई। लीवर ठीक नहीं था इसलिए यह प्रत्यारोपित नहीं किया गया।

डोनर का हार्ट हो गया था बंद
हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाली टीम ने बताया कि डोनर का हार्ट बंद हो गया था। उसके बाद दुबारा जांचें की गई। कुछ मिनटों बाद ही हार्ट को ठीक किया गया। इसमें खास बात यह रही कि डोनर के परिजन बीकानेर से अंगदान करने का मानस बनाकर आए थे।

दो जनों को लगी किडनी
डोनर की किडनी चौमूं निवासी 32 वर्षीय युवक और शास्त्री नगर निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई है। ऑपरेशन में डॉ. एसएस यादव, डॉ. विनय तोमर, डॉ. नीरज अग्रवाल, डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. धनंजय अग्रवाल, डॉ. पंकज बेनीवाल, डॉ. वर्षा और डॉ. सिद्धार्थ शर्मा का योगदान रहा।

हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाली टीम
डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. प्रमोद चांदोलिया, डॉ. मोहित, डॉ.केके महावर, डॉ. विमल यादव, डॉ. रीमा मीणा, डॉ. अंजुम, डॉ. सोहन शर्मा, डॉ. ध्रुव शर्मा, डॉ. अनुराग, डॉ. सौरभ, डॉ. राजेन्द्र, डॉ. संजय, डॉ. अधोकशक, डॉ. पवित्र, कमलेश, सत्यप्रकाश, विश्वनाथ, अमीरा, आरपी मीणा सहित 28 चिकित्सकों के सहयोग से हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ।

इनका कहना है
रीसिपियंट को गहन चिकित्सा में रखा गया है। रीसिपियंट की हालत गंभीर है। दो-तीन दिन बाद ही सही स्थिति के बारे में बताया जा सकेगा।
- डॉ. अनिल शर्मा, हैड, कार्डियक सर्जरी, एसएमएस अस्पताल