31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक रुपए 15 पैसे के लालच में गवाएं हजारों, सैंकड़ों लोगों को बनाया शिकार, जयपुर में हुई हैरान करने वाली वारदात

मालवीय नगर थाना क्षेत्र का मामला, थाने पहुंचे पीड़ित, पेंसिल बनाने का झांसा दे लाखों रुपए की ठगी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Pushpendra Singh Shekhawat

•

Updated: 10 Sep 2019, 3:20 PM IST

jaipur

एक रुपए 15 पैसे के लालच में गवाएं हजारों, सैंकड़ों लोगों को बनाया शिकार, जयपुर में हुई हैरान करने वाली वारदात

मुकेश शर्मा / जयपुर. पेंसिल बनाकर बेचने का झांसा दे सैकड़ों लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। बड़ी संख्या में पीडि़त लोग मालवीय नगर स्थित सुदासागर कॉलोनी में मंगलवार सुबह आरोपी के दफ्तर पहुंचे, तब ठगी का पता चला। यह बात पलभर में सैकड़ों पीडि़त लोगों तक पहुंच गई और जयपुर, टोंक, निवाई, दौसा, भरतपुर, लालसोट से दोपहर तक बड़ी संख्या में पीडि़त मालवीय नगर थाने के बाहर जुट गए। पीडि़त लोगों की रिपोर्ट ले पुलिस मामले की जांच कर रही है।

थाने पर जुटे पीडि़त लोगों के मुताबिक, गंगापुरसिटी निवासी वीरेन्द्र ने यहां सुदासागर कॉलोनी में जनवरी 2019 में पेंसिल बनाने की मशीन बेचने का कार्यालय खोला। मशीन खरीदने वालों को पेंसिल के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवा तैयार माल खरीदने का भी झांसा दिया। एक पेंसिल मशीन 66000 रुपए में बेची। जबकि एक पेंसिल बनाने का कच्चा माल 1.50 रुपए में दिया और तैयार एक पेंसिल 2.65 रुपए में खरीदने का झांसा दिया।

एक पेंसिल पर 1.15 रुपए कमाने का लालच

पीडि़त लोगों ने बताया कि आरोपी ने एक पेंसिल पर एक रुपया पन्द्रह पैसे कमाने का लालच दिया। इस पर कई लोग 5 हजार तो कई पीडि़त 15 से 20 हजार पेंसिल का कच्चा माल खरीद ले गए। आरोपी ने फिर झांसा दे तैयार माल की रकम नहीं लौटाई। पीडि़त लोगों को भरोसा दिलाया कि तैयार माल की रकम का कच्चा माल ही खरीद ले जाएं। उन्हें काम तो करना ही है। इस पर पीडि़त लोग आरोपी से और कच्चा माल ले गए। आरोपी चार दिन पहले रुपए जमा करता और उसके बाद कच्चा माल देता था। कई पीडि़त लोगों ने 10000 रुपए की मशीन 66000 रुपए में बेचने का भी आरोप लगाया।

यूं खुली पोल

मालवीय नगर दफ्तर में सोमवार सुबह पीडि़त लोग तैयार माल के बदले में रुपए लेने पहुंचे, तब दफ्तर खुला था और आरोपी का मोबाइल उसके कैमरे में ही चार्ज पर लगा था। लेकिन आरोपी नहीं था। लोग इधर-उधर जाने की संभावना पर वापस लौट गए। लेकिन मंगलवार सुबह दफ्तर पहुंचे तो आरोपी नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था। तब पीडि़त लोगों ने आरोपी के संबंध में एक दूसरे को फोन कर पूछा तो पता चला कि चार दिन से आरोपी को देखा ही नहीं।