राजस्थान के इतिहास में जल्द जुडऩे वाला है नया और अहम पन्ना

राजस्थान के इतिहास में जल्द जुडऩे वाला है नया और अहम पन्ना

Santosh Kumar Trivedi | Publish: Sep, 11 2018 09:53:29 AM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 09:56:14 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर। पर्यटन की दृष्टि से गुलाबीनगर ही नहीं बल्कि राजस्थान के इतिहास में जल्दी ही नया और अहम पन्ना जुडऩे वाला है। नाहरगढ़ में राज्य की पहली लॉयन सफारी शुरू होने वाली है, जिसके लिए वन विभाग ने तैयारी लगभग पूरी कर ली है। फिलहाल यहां 3 शेर रखे जाएंगे। गुजरात के गिर अभयारण्य से १० शेर लाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

 

विभाग का प्रयास है कि यह सफारी 2 से 8 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले वन्यजीव सप्ताह के दौरान शुरू हो जाए। यह सफारी सीमित समय के लिए नहीं होगी बल्कि पर्यटक सालभर इस सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में नाहरगढ़ जैविक उद्यान के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने उक्त सफारी शुरू करने की घोषणा की थी।

 

इसके बाद पिछले साल इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इसके तहत प्रवेश द्वार के यहां 2 दरवाजे बनाए गए हैं। लगभग 3 किलोमीटर लम्बी और साढ़े पांच मीटर ऊंची फैंसिंग के साथ 3 वाटर बॉडी, पानी का टैंक, चौकी, रात के समय लॉयन को रखने के लिए 10 नाइट शैल्टर, वेटेनरी कम्पाउंड जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

 

तेजस, त्रिपुर और तारा
सफारी में फिलहाल तीन शेर रखे जाएंगे, जिनके नाम तेजस, त्रिपुर और तारा हैं। ये तीनों शेरनी तेजिका के शावक हैं, जिसकी पिछले महीनों मौत हो चुकी है।

 

यों होगी सफारी
4 करोड़ लागत से जेडीए के सहयोग से विकसित की है लॉयन सफारी
36 हैक्टेयर क्षेत्र में फैली है सफारी
4 ड्डमिनी बसें लगाई जाएंगी के लिए, पूरी तरह कवर्ड होंगी ये बसें
9 बजे सुबह से शाम 6 तक सैर कराएंगी बसें
1 से डेढ़ घंटे का समय मिलेगा प्रत्येक बस को सफारी के लिए

लॉयन सफारी का काम पिछले साल अक्टूबर में शुरू किया गया था। फिलहाल यहां 3 शेर रहेंगे लेकिन गुजरात के गिर अभयारण्य से 10 लॉयन लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जीवी रेड्डी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक

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