डिजिटलाइजेशन के दौर में कागज के प्रेम में जापान

जापान में अभी भी फैक्स का व्यापक रूप से उपयोग होता है। जापान में व्यापारियों का एक-दूसरे से कार्ड का आदान-प्रदान करना अब भी परंपरा है और कागजी कारवाई सरकार में और व्यापार में अनिवार्य बनी हुई है।

By: Mridula Sharma

Updated: 19 Mar 2020, 01:46 PM IST

डिजिटलाइजेशन और प्लास्टिक मनी के दौर में भी जापान के लोगों का कागज के प्रति प्रेम बना हुआ है। यहां कुछ कलाकार हैं, जो अब भी 1300 साल पुरानी अपनी संस्कृति को सहेजे हुए हैं। वाशी, एक किस्म का जापानी पेपर है, जिसे
बनाने की कला को यूनेस्को ने भी सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित किया हुआ है। वाशी पेपर न केवल पेंटिंग और लेखन के ही काम आता है, बल्कि इससे लालटेन, छाता, कपड़े और प्रतिष्ठित शोजी स्लाइडिंग दरवाजे और दीवारें भी तैयार की जाती हैं। यह कागज हैंडमेड होता है और मजबूत व टिकाऊ होता है।

जापान के युवा हालांकि कागजी कार्रवाई और कैश लेन-देन के चलन से सहमत नहीं हैं, लेकिन यहां के लोगों ने कागज को चलन में बनाए रखने के लिए दूसरे रास्ते खोज लिए हैं। जापान के निकटतम पड़ोसी देशों चीन और दक्षिण कोरिया ने डिजिटल लेन-देन को बड़े सहर्ष अंदाज में अपनाया है, लेकिन जापान में अब भी तीन चौथाई से अधिक भुगतान कैश में किया जाते हैं। एक रिसर्च के अनुसार कैश करेंसी के लिए जापानी सरकार को प्रति वर्ष 6.8 बिलियन पाउंड का अतिरिक्त खर्चा वहन करना पड़ता है। कियोसुमी शिराकावा में एक खिलौने की दुकान चलाने वाले कावाकिता तोशियो कहते हैं कि मैंने अपने ग्राहकों से कार्ड और ऐप से डिजिटल भुगतान स्वीकार करना शुरू किया है, लेकिन फिर भी 99 फीसदी भुगतान अब भी नकद से ही होता है।


युवाओं को पसंद नहीं
कुछ युवाओं का मानना है कि बदलते समय के साथ जापान का कागजी कार्रवाई जैसी परम्पराओं से चिपके रहने का सीधा असर समाज पर पड़ रहा है और इससे देश एक पीढ़ी पीछे चल रहा है। एक एचआर कम्पनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मासायुकी ओगाता का कहना है कि हर साल कंपनी के कर्मचारियों को कई फॉर्म भरने होते हैं, इनमें आयकर रिटर्न, पेंशन, बीमा, सम्पत्ति संबंधित व अन्य शामिल हैं, इसके लिए कागजी कार्रवाई अनिवार्य है।

पेपर से नित नए प्रयोग
पेपर आधारित तकनीक ने गत वर्ष टोक्यो में हुए मोटर शो में भी उपस्थिति दर्ज कराई। दुनिया के सबसे बड़े कागज उत्पादकों में से एक ओजी पेपर ने एक बड़ी कार कंपनी के साथ मिलकर ग्लास और सेल्यूलोज नैनोफाइबर से बने विंडस्क्रीन तैयार किए हैं, जो पारंपरिक ऑटोमोटिव ग्लास की तुलना में अधिक मजबूत है।

ऐसे बनता है वाशी पेपर

- इस क्षेत्र वाशी पेपर बनाने का तरीका सामान्य कागज तैयार करने से ज्यादा जटिल होता है। यह मैन्युअल तरीकों पर ज्यादा निर्भर करता है, इसलिए इसकी प्रक्रिया ज्यादा लम्बी होती है। यह पेपर सर्द मौसम में ही तैयार किया जाता है।
- जापानी वाशी पेपर बनाने के लिए कोजो (एक प्रकार का शहतूत) की जड़ों को उबाला जाता है और फिर बाहरी आवरण को हटाकर उसे सुखाया जाता है। इन फाइबर्स से स्टार्च, वसा और टेनिन को हटाने के लिए फिर से इसे लाई के साथ उबाला जाता है। इसके बाद लाई को अलग करने के लिए बहते पानी में रखा जाता है।
- इसके बाद हाथ से तंतुओं में शेष अशुद्धियों को हटाया जाता है। इसके बाद इसे एक बोर्ड पर रखकर समतल किया जाता है। लुगदी बनाने के बाद इसे सपाट जगह पर रखकर पेपर का रूप दिया जाता है। यहां दो तरीके से पेपर बनते हैं पहला नागशी जुकी और दूसरा तम जुकी।

Mridula Sharma Reporting
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