'ड्रेगन' के कारण हो रहा देश में घाटा

'ड्रेगन' के कारण हो रहा देश में घाटा

Vishnu Sharma | Publish: Mar, 27 2018 09:33:08 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र की नीतियों पर बोला हमला, जीडीपी के बावजूद नहीं बढ़ रहे रोजगार

जयपुर।
देश में स्वदेशी के लिए काम कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र की नीतियों पर हमला बोला। मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. अश्विनी महाजन ने कहा कि विश्व के 168 देशों में से भारत सहित 129 देशों में मुक्त व्यापार के कारण घाटा हो रहा है और इसमें 70 प्रतिशत से अधिक घाटा चीनी उत्पादों के कारण हो रहा है। अब तो अमेरिका ने भी संरक्षणवाद की ओर कदम बढा दिए हैं। देश में भी अब मुक्त व्यापार को प्रोत्साहन देने के स्थान पर लघु उद्योगों को बढावा देना चाहिए।

जयपुर प्रवास पर आए महाजन ने पत्रकारों से कहा कि विश्व के अनेक देशों में उत्पादन ठप करने के लिए चीन सोची समझी साजिश के तहत सस्ते उत्पाद निर्यात कर रहा है। इस नीति के कारण चीन का औद्योगिक उत्पादन संकट में आ गया है। चीन में उत्पादन लागत भारत से भी ज्यादा है क्योंकि वहां मजदूरी बहुत महंगी है। चीनी उत्पादों के निर्यात पर भारी भरकम सब्सिडी दी जा रही है। चीन की इस नीति के पीछे दूसरे देशों की उत्पादन क्षमता समाप्त करने की साजिश है।

केंद्र की नीतियों पर हमला ....
देश की वर्तमान परिस्थितियों में बढ़ती जीडीपी के बाद भी नए रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो पा रहें हैं। इसके लिए बिना सोचे समझे चीन सहित अन्य देशों से मुक्त व्यापार के नाम पर किया जा रहा आयात जिमेदार है। अब समय आ गया है कि विदेशी व्यापार नीति, उद्योग नीति, कृषि नीति, राजकोषीय नीति ऐसी बनाई जाए कि राजकोषीय घाटे पर रोक लगाने के साथ ही रोजगार केन्द्रीत हो ताकि देश में बेरोजगारी की समस्या भी दूर हो सके। इसके लिए सरकार कॉरपोरेट सेक्टर को दे रही सहूलियतें अब लघु उद्योगों को भी उपलब्ध कराएं। विकास का मॉडल ऐसा बनें जिससे रोजगार निर्माण और विकेंद्रीकरण निहित हो। ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन हो ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।

इनके आयात को बंद करें सरकार..
महाजन ने कहा कि देश में बड़ी मात्रा में जैव संवर्धित कृषि उत्पादों और खाद्य तेलों का आयात हो रहा है, जिसे तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। सरकार आर्थिक कूटनीति के प्रभाव से अमेरिका के संरक्षणवाद के प्रयासों पर रोक लगाने का प्रयास करना चाहिए।

नीति आयोग पर सवाल ..
महाजन ने नीति आयोग में बैठे अधिकारियों पर सवाल उठाया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीति आयोग मल्टीनेशनल कपनियों की लाबिंग का केन्द्र बन गया था। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा गया था। नीति आयोग में अधिकारी स्वयं ही बैठक का विवरण तैयार कर ऐसी नीतियां बना रहे थे जो देश के हित में नहीं थी। नीति आयोग के अध्यक्ष रहे अरविंद पनड़िया पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि छुट्टयां लेकर आने वाले देश का भला नहीं कर सकते।

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