उप चुनाव में महाराणा प्रताप पर कटारिया का बयान भाजपा को पड़ सकता है भारी

—दो बार कटारिया मांग चुके हैं माफी, मगर राजपूत समाज में है नाराजगी
—सांसद दीया कुमार ने भी बयान बताया गलत, मगर लिखा कटारिया मांग चुके हैं माफी

By: Umesh Sharma

Published: 14 Apr 2021, 05:34 PM IST

जयपुर।

प्रदेश की तीन सीटों पर होने वाले उप चुनाव का प्रचार गुरुवार शाम को थम जाएगा। दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है। नुक्कड़ सभा और डोर टू डोर प्रचार के साथ पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील की जा रही है। मगर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा की ओर से शिक्षकों के साथ किए दुर्व्यवहार और नाथी का बाड़ा जैसे शब्दों के इस्तेमाल से सियासी हलचल बढ़ गई थी। इसके बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ा के खाला का बाड़ा के वीडियो को उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ा। मगर गुलाबचंद कटारिया का महाराणा प्रताप के लेकर दिया बयान भाजपा के लिए आफत बना हुआ है।

इस बयान के बाद कटारिया का पूरे प्रदेशभर में विरोध हो रहा है। जयपुर में भाजपा मुख्यालय के बाहर उनके पोस्टर पर स्याही पोत दी गई तो कई जगहों पर सड़कों पर उतरकर राजपूत समाज ने कटारिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। हालांकि कटारिया दो बार इस बयान को लेकर माफी मांग चुके हैं, लेकिन राजपूत समाज में अंदरूनी गुस्सा अब भी बरकरार है। ऐसे में पार्टी इस गुस्से को दबाने के लिए पार्टी के अनुभवी राजपूत समाज के नेताओं को आगे कर रही है। ताकि चुनाव पर इसका कोई गलत इफेक्ट नहीं पड़े।

दीया ने लिखा कटारिया मांग चुके हैं माफी

राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक चुनावी सभा में कटारिया द्वारा भावावेश में आकर प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि हिंदुआ सूरज महाराणा प्रताप के बारे में जिन शब्दों का प्रयोग किया गया, वह उचित नहीं थे, जिसके लिए गुलाबचंद कटारिया ने सार्वजनिक तौर पर माफ़ी भी मांगी है। राष्ट्रीय गौरव, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के प्रति हम सभी के मन में बहुत आदर व सम्मान है। ऐसे वीर महापुरुषों के बारे में अनुचित शब्दों का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है और सर्व समाज की भावनाएं आहत हुई है। मैं आप सभी की भावनाओं की कद्र व सम्मान करती हूं। मेवाड़ के गौरव को बनाए रखने में भाजपा परिवार सदैव अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करता रहेगा।

इसलिए पड़ रही है जरूरत

दरअसल राजसमंद सीट मेवाड़ क्षेत्र में आती है। यहां से किरन माहेश्वरी की पुत्री दीप्ति माहेश्वरी मैदान में हैं। भाजपा इस सीट पर जीत को लेकर आश्वस्त है। राजसमंद में राजपूत समाज के वोटरों की संख्या अच्छी खासी है। राजपूत हमेशा से भाजपा का परम्परागत वोट बैंक रहा है। ऐसे में राजपूत रूठे तो भाजपा को उप चुनाव में जीत का स्वाद चखने से वंचित रहना पड़ सकता है। हालांकि पार्टी के लिए अभी तक एक पॉजिटिव बात यह है कि किसी भी बड़े राजपूत नेता की ओर से इस बयान को लेकर कोई वक्तव्य नहीं आया है। मगर नेगेटिव यह भी है कि राजपूत समाज की चुप्पी कहीं पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचा दे।

Umesh Sharma Reporting
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