मैकेनिकल इंजीनियर्स को अब सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में भी मिल रही जॉब


. नेशनल वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने जानी मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेसेज में सीएफडी की भूमिका

By: Rakhi Hajela

Updated: 19 Sep 2021, 04:45 PM IST


जयपुर । पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से रोल ऑफ सीएफडी इन मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेसेज विषय पर ऑनलाइन नेशनल वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों को मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रियाओं में कंप्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञ वक्ताओं में एनआईटी कालीकट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुमेर दिरबुदे, बीआईडब्लू डिजाइन के डिजाइन इंजीनियर अरुण गौतम और पीसीई के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय कुमावत शामिल थे। वर्कशॉप में देश विदेश के 200 से अधिक फैकल्टी मेम्बर, रिसर्च स्कॉलर और स्टूडेंट्स शामिल हुए।
वर्कशॉप के समन्वयक डॉ.सुरेंद्र कुमार सैनी ने इसके विषय के बारे में जानकारी दी। पहले एक्सपर्ट सेशन में डॉ.सुमेर दिरबुदे ने इंट्रोडक्शन एंड एप्लीकेशंस ऑफ सीएफडी इन मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेसेज विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैकेनिकल इंजीनियर्स अब सॉफ्टवेयर कंपनियों में भी जॉब कर रहे हैं, जहां वे एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के लिए डिजाइन, मॉडलिंग और एनालिसिस सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं। एनालिसिस यूजिंग एएनएसवाईएस विषय पर हैंड्स ऑन सैशन में संजय कुमावत ने एएनएसवाइएस सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए इंडस्ट्री प्रॉबलम का सीएफडी एनालिसिस कर उसका समाधान सामने रखा। अंत में मेजबान कॉलेज के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एचओडी डॉ.नारायण लाल जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Rakhi Hajela Desk
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