बिचौलियों ने प्याज को किया 'लालÓ, 60 का खरीदकर 100 में बेच रहे माल

प्रदेशभर में मनमर्जी के भाव

- राजस्थान पत्रिका ने की मंडियों की पड़ताल तो उजागर हुआ कीमतों का सच
- जयपुर में थोक से लेकर खुदरा भावों में 40 प्रतिशत का अंतर

जयपुर।

जयपुर. प्याज की कीमतों को लेकर देश-प्रदेश में उठी बहस के बीच चौंकाने वाला सच सामने आया है। राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि प्याज की किल्लत का हल्ला मचाकर बिचौलिए अपनी जेबें भरने में जुटे हैं। बिचौलिए 60 रुपए का प्याज 100 रुपए में बेचकर मोटा मुनाफा बटोर रहे हैं। खामियाजा जनता को भोगना पड़ रहा है। बिचौलियों के कारण थोक और खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों में 40 फीसदी का अंतर आ रहा है।

ऐसे समझे मुनाफे का गणित

मुहाना मंडी में बढिय़ा प्याज 45 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक थोक में बिक रहा है। इसमें तीन प्रतिशत फुटकर कमीशन और एक प्रतिशत ट्रांसपोर्ट का खर्चा मिलाकर 60 रुपए तक प्याज फुटकर में मिलता हैै। इसके बाद बाजार में जाकर यह प्याज 100 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। मुहाना मंडी में पहले रोज 40 ट्रक प्याज के आते थे, लेकिन अब 22 ही रह गए हैं। एक ट्रक में लगभग 15 टन के आसपास प्याज आता है। हालांकि लालकोठी मंडी में प्याज के दाम 75 रुपए प्रतिकिलो तक हैं। जौहरी बाजार सहित अन्य मंडियों के पास वाली जगहों पर यह दाम 80 रुपए प्रतिकिलो तक हैं। वहीं शहर के पॉश इलाकों में रेट 100 रुपए है।

बारिश ने बिगाड़ा भाव
आलू-प्याज थोक विक्रेता संघ मुहाना मंडी के अध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने महाराष्ट्र के नासिक, कोल्हापुर और सांगली से प्याज की आवक होती है। इस बार इन जिलों में पूरे सितंबर बारिश होती रही। खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान प्याज नहीं लगा पाए। इधर, प्रदेश में अलवर, झालावाड़, अजमेर, नीमच, सवाईमाधोपुर, कोटा और पाटन से प्याज आ रहा है। फिलहाल बारिश ज्यादा और कम पैदावार के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई। लालकोठी मंडी के आढतियों का कहना है कि दिवाली के बाद अलवर से प्याज की आवक होती है, बारिश ज्यादा होने से वहां फसल खराब हो गई है।

समझे प्याज कैसे पहुंच रहा आसमान पर
25 किमी प्रति किलो महंगा हुआ एक हफ्ते में

40 रुपए किलो महंगी हो चुकी दिवाली के बाद प्याज की कीमत
120 रुपए प्रति किलो तक पहुुंच सकता है आने वाले 15 दिनों में

40 टन प्याज की आवक होती थी जयपुर में पिछले साल तक
25 टन आवक कम हो रही है प्याज की

प्रदेश में भी नहीं है अच्छे हालात

—उदयपुर सवीना मंडी में 90 रुपए किलो खुले में बिक रहा प्याज। ज्यादा महंगा होने के कारण बिक्री आधी हुई।

—सीकर में प्याज के खुदरा भाव 80 रुपए और थोक में 50 से 60 रुपए प्रति किलो हैं
—चूरू में थोक भाव 60 से 65 और खुदरा भाव 80 रुपए किलो हैं।

—् अलवर फल-सब्जी मंडी में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक कट्टों की आवक हो रही है। वहीं जिले से करीब 10 हजार कट्टे दिल्ली में भेजे जा रहे हैं।
—कोटा मंडी में प्याज के दाम 70 से 80 रुपए किलों हैं, जबकि पिछले सीजन 10 रुपए किलो प्याज बिक रहा था।

कहां कितनी रेट

कोटा 60—80
झालावाड 60—80

बूंदी 80—100
बारां 80

पाली 90—100
जालोर 90—120

पाली 90—100
जालोर 90—120

सिरोही 80— 100

इधर किसानों के चेहरे पर खुशी

अलवर. देशभर में प्याज के बढ़ते दाम से आम आदमी भले ही निराश हो, लेकिन इस साल अलवर जिले में किसानों के घरों में प्याज खुशहाली लेकर आया है। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में बारिश के कारण प्याज की फसल खराब हो जाने से अलवर के प्याज की मांग बढ़ गई है। ऐसे में अलवर के किसानों को प्याज के भरपूर दाम मिल रहे हैं।
इन दिनों अलवर फल-सब्जी मंडी में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक कट्टों की आवक हो रही है। वहीं जिले से करीब 10 हजार कट्टे दिल्ली में भी बिकने के लिए जा रहे हैं।

manoj sharma
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