
जयपुर।
राजस्थान से अन्य राज्यों में विशेष रेल और विशेष बसों से विभिन्न राज्यों में जा रहे श्रमिकों से किसी तरह का किराया वसूल नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इस घोषणा के एक दिन बाद ही मंगलवार को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने इस संबध में सभी कलक्टरों को आदेश भी जारी कर दिए। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि किराए का भुगतान जहां से रेल और बस प्रस्थान करेगी उस जिले के कलक्टर के अधीन निर्बन्ध कोष से किया जाएगा। निर्बन्ध कोष के लिए पहले ही कलक्टरों को राशि स्वीकृत कर दी गई है।
असल में राजस्थान से जा रहे प्रवासी मजदूरों से रेल और बस से किराया लिया जा रहा था। जिसे भाजपा ने मुददा बना लिया था। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी राज्यों की प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिए थे कि वे प्रवासी मजदूरों के किराए का खर्च खुद उठाएं। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी कलक्टरों को निर्देश दिए थे। निर्देशो के बाद मुख्य सचिव ने ये आदेश जारी किए हैं।
गृह विभाग ने भी पहले ही इस व्यवस्था के लिए फंड कलक्टरों को दे दिया था। लेकिन विपक्ष के द्वारा मुददा बनाए जाने के बाद राज्य सरकार हरकत में आई और फिर अब प्रवासी मजदूरों को निशुल्क रोडवेज की बसों से भेजा जा रहा है।
Published on:
06 May 2020 07:53 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
