एनटीसीए का सरकार को झटका- बाघिन शिफ्ट करने हैं तो हटाओ 35 करोड़ की दीवार

एनटीसीए का सरकार को झटका- बाघिन शिफ्ट करने हैं तो हटाओ 35 करोड़ की दीवार

Rajesh | Publish: Aug, 01 2018 06:31:01 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

जयपुर.
वन विभाग के मनमाने काम से रणथंभौर से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघ शिफ्टिंग परियोजना पर संकट के बादल छा गए हैं। नेशनल ऑथीरिटी ऑफ टाइगर कन्जरवेशन (एनटीसीए) ने साफ कर दिया है कि दो बाघिनों को शिफ्ट करने से पहले मुकुंदरा में बनाई गई दीवार, चेन लिंक फेंसिंग (श्रंखला बद्ध बाड़) और एनक्लोजर को हटाना होगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले झालावाड़ से सटे मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों को बसा कर वहां पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर वन विभाग के अफसरों की कार्यशैली के चलते पानी फिरता दिख रहा है।

मनमाने तरीके से टाइगर रिजर्व में करीब 35 करोड़ रुपए खर्च कर बनाई गई चारदीवारी, चेन लिंक फेंसिंग और एनक्लोजर को लेकर एनटीसीए ने गहरी आपत्ति जताई है। एनटीसीए ने साफ कहा है कि इस तरह के निर्माण बाघ समेत अन्य वन्य जीवों के स्वतंत्र विचरण में अवरोध पैदा करते हैं और नियमों के खिलाफ है। दो बाघिनों को शिफ्ट करने से पहले सड़क और रेल लाइन के समीप की दीवार को छोड़कर शेष सभी को हटाना होगा। इसके बाद एनटीसीए साइट का अवलोकन करेगा और बाघिनों को शिफ्ट करने के बारे में निर्णय करेगा।

-पानी में गया सरकारी धन
जानकारों ने बताया कि वन विभाग ने एनटीसीए की मंजूरी के बिना मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में करीब 35 करोड़ रुपए से अधिक के काम करवा दिए। इसमें खास तौर पर करीब 82 वर्ग किलोमीटर की पक्की चारदीवारी और चेन लिंकिंग फेंसिंग और करीब 28 हैक्टेयर में एनक्लोजर शामिल है। अब बाघ शिफ्टिंग परियोजना को लागू करने के लिए वन विभाग को खुद के कराए करीब 80 फीसदी कामों को हटाना होगा। ऐसे में यह सरकारी धन का दुरुपयोग जैसा है।

-एनटीसीए ने यह लिखा
पत्र में एनटीसीए की 25 जून को तकनीकी कमेटी की बैठक हुई थी। इसके मिनिट्स 24 जुलाई को जारी करने के साथ ही एनटीसीए के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल निशांत वर्मा ने राज्य के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि रणथंभौर से मुकुंदरा के दक्षिणी हिस्से में दो बाघिनों को शिफ्ट करने की सैद्धांतिक मंजूरी एनटीसीए ने दे रखी है। इसके लिए वन विभाग को एनटीसीए का प्रोटोकॉल, स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) और कोर्ट के आदेश (यदि कोई हो) को मानना पड़ेगा। इसके अलावा चेन लिंक फेंसिंग, दीवार और एनक्लोजर को हटाना होगा।

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned