नवरात्र के 9 दिनों में रहेंगे दस से ज्याद विशेष योग, जानिए किस दिन कौन सी वस्तु खरीदना शुभ

तप, साधना और शक्ति की भक्ति की पर्व शारदीय नवरात्र कोरोना काल के बीच शनिवार से शुरू हो चुका है।

By: santosh

Updated: 17 Oct 2020, 02:51 PM IST

जयपुर। तप, साधना और शक्ति की भक्ति की पर्व शारदीय नवरात्र कोरोना काल के बीच शनिवार से शुरू हो चुका है। इस दौरान मंदिरों में घंटे, घड़ियालों के बीच विशेष पूजा अर्चना की गई। वहीं घरों में मां दुर्गा के आगमन के लिए शुभ मूहूर्त घटस्थापना की गई।

पहली बार 500 साल में आमेर स्थित शिला माता मंदिर प्रांगण सूना रहा। अलसुबह से लगने वाले लाइनें, पदयात्राओं का नजारा, जनसैलाब और माता के जयकारों की गूंज इस बार नदारद रही। कोरोना के चलते 31 अक्टूबर तक मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा।

इस बीच भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर ज्योत देखी तथा नवरात्र के व्रत का संकल्प लिया। साथ ही सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान घरों व मंदिरों में दुर्गा सप्तशती और रामचरितमानस की चौपाइयां गूंज उठीं। भक्त नौ दिन मां देवी की आराधना करेंगे। दुर्गापुरा, झालाना वन क्षेत्र, राजापार्क सहित अन्य मंदिरों में भक्त सुबह से माता के दर्शनों के लिए पहुचें। जहां सामाजिक दूरी की पालना, थर्मल स्केनिंग के बाद भक्तों को प्रवेश दिया गया।

किया फूलों से विशेष शृंगार
आमेर स्थित शिला माता मंदिर में पुजारी बनवारी लाल शर्मा के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना हुई। आम भक्तों का मंदिर में प्रवेश वर्जित रहा। आमेर घाटी स्थित मनसा माता मंदिर में सुबह घट स्थापना के बाद माता को नूतन पोशाक धारण कराई गई। दुर्गापुरा स्थित दुर्गामाता मंदिर में महंत महेन्द्र भट्टाचार्य के सान्निध्य में सुबह घट स्थापना के बाद देवी का फूलों से श्रृंगार कर आरती की गई। इसके बाद भक्तों ने दर्शन किए।

राजापार्क स्थित वैष्णो माता मंदिर में दोपहर के अभिजित मुहूर्त में 12.51 बजे स्थापना कर आरती की जाएगी। इसके अलावा सूरजपोल स्थित रुद्र घंटेश्वरी माता मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित भुवनेवरी साधना केंद्र, ब्रह्मपुरी स्थित मंगला माता मंदिर, झालाना वन क्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित कालक्या माता मंदिर, मानबाग स्थित राज राजेश्वरी माता मंदिर, आरपीए मैदान शास्त्री नगर स्थित दुर्गामाता मंदिर सहित अनेक देवी मंदिरों में घट स्थापना के साथ माता की आराधना का दौर शुरू हो गया। भक्तों ने बारी—बारी से दर्शन किए। खोले के हनुमानजी मंदिर में सुबह 11.15 बजे घट स्थापना होगी। इसके बाद रामचरित मानस के नवाह्न पारायण के पाठ शुरू होंगे।

बाजारों में दिखेगी रौनक
इस बीच लंबे समय बाद बाजारों में दोपहर तक ग्राहकों की रौनक देखने को मिलेगी। वाहनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के शोरूमों पर एक से बढ़कर एक आफर्स और किश्तों में सामान खरीदने के विकल्प यहां ग्राहकों को दिए जाएंगे। इसके अलावा धारा—144 लगे होने से डांडिया कार्यक्रम और दुर्गा पूजा पंडाल इस बार नहीं सजाए गए।

रहेंगे खरीदी के लिए विशेष योग
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों में दस से ज्याद विशेष योग रहेंगे। इसमें कोई भी शुभकार्य आरम्भ करना और वाहन, स्वर्ण आभूषण, प्रॉपर्टी का लेन-देन श्रेष्ठ रहेगा। यह समय लोगों के लिए उन्नतिदायक व व्यापारिक लाभ देने वाला होगा।

आज सर्वार्थसिद्धि योग: वाहन, आभूषण, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि के लिए शुभ
18 को त्रिपुष्कर योग—वाहन, आभूषण, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान
19 को सर्वार्थसिद्धि, द्विपुष्कर योग— इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन, प्रॉपर्टी
20 को कुमार और रवियोग— आभूषण, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, भूमि भवन
21 को कुमार और रवियोग—आभूषण, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, भूमि भवन
22 को— आभूषण, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदी
23 को —रवियोग, सर्वार्थसिद्धि आभूषण, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान
24 को सर्वार्थसिद्धि, रवियोग—आभूषण, वाहन सहित अन्य सामान
25 अक्टूबर को नवरात्र समापन —महानवमी, दशहरे का अबूझ मुहूर्त —कोई भी कार्य शुरू करने के लिए बेहतर दिन और वाहन, आभूषण खरीदना शुभ

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned