‘नीति’ को दबाए बैठे अधिकारी, यात्रियों की कट रही जेब

 

प्रीपेड बूथ पॉलिसी : मंत्री ने 15 दिन में बनाने के दिए थे निर्देश और निकल गए पांच महीने

Ankit Dhaka

December, 0601:05 AM

- विभागों में उलझी जनता की पॉलिसी, आठ जगह शुरू होने हैं प्रीपेड बूथ

विजय शर्मा

जयपुर. राजधानी में जनता को उचित किराए में यात्रा कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए प्रीपेड बूथ पांच महीने से बंद पड़े हैं। इसका खमियाजा जनता को उठना पड़ रहा है। खासतौर से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर हजारों यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। खास बात है कि मनमाने किराए पर लगाम लगाने के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। रेलवे स्टेशन, सिंधी कैंप बस स्टैंड, चांदपोल, बड़ी चौपड़, एसएमएस अस्पताल, नारायण सिंह सर्क ल, एयरपोर्ट और विजयपथ, मानसरोवर पर प्रीपेड बूथ बने हुए हैं। यहां करीब पांच हजार से अधिक ऑटो चालकों को रोजगार मिल रहा था। प्रीपेड ऑटो बूथ कांउटर से पर्ची कटवाने के बाद तय किराए के अनुसार शहर में ऑटो संचालन होता था। इससे ऑटो चालकों को जहां सवारी मिलती थी वहीं यात्रियों को निर्धारित किराया देना होता था। पांच महीने पहले यातायात पुलिस की ओर से इन्हें बंद करवाया दिया गया था। ऑटो चालकों के विरोध के बाद परिवहन मंत्री ने यातायात पुलिस, परिवहन अधिकारियों की बैठक लेकर 15 दिन में नई नीति (पॉलिसी) तैयार करने के निर्देश दिए थे लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी नीति तैयार नहीं की गई है।
सुझाव ले लिए लेकिन विभागों में घूम रही फाइल

जयपुर महानगर तिपहिया वाहन चालक यूनियन अध्यक्ष कुलदीप सिंह का कहना है कि विभाग के अफसरों ने ऑटो यूनियनों से नई नीति को लेकर सुझाव मांगे थे। यूनियनों ने अपने सुझाव दे दिए लेकिन अब तक नीति को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। महीनों बीत जाने के बाद भी फाइल परिवहन और यातायात पुलिस के बीच अटकी हुई है।
प्रीपेड बूथ में खास

2001 में तय किया गया था किराया

15 रुपए पहले किलोमीटर के और फिर 9 रुपए प्रति किमी लगते थे

08 जगह प्री पेड बूथ संचालित होते थे जयपुर में

08 हजार से अधिक ऑटो चालकों को रोजगार मिला हुआ था

इस तरह परेशान हो रहे यात्री
मामला -1 सिंधी कैंप से नारायण सिंह सर्कल के 120 रुपए

सिंधी कैंप बस स्टैंड के गेट नंबर एक पर बाहर प्री पेड बूथ पर ताला लटका है। यहां बाहर ऑटो स्टैंड बना है। सिंधी कैंप से बाहर आने वाले यात्रियों के पीछे ऑटो चालक पड़े हुए हैं। ज्यादा किराया सुनकर यात्री सफर करने से कतरा रहे हैं। पत्रिका ने जब एक ऑटो चालक से नारायण सिंह सर्कल का किराया पूछा तो 120 रुपए बताए जबकि किराया 55 रुपए ही लगता है।

मामला-2 रेलवे स्टेशन से मोतीडूंगरी मंदिर 110 रुपए
रेलवे स्टेशन परिसर में ऑटो प्री-पेड बूथ धूंल फांक रहा है। यहां सैकड़ों की संख्या में ऑटो खड़े हैं लेकिन यात्रियों से मनमाना किराया ले रहे हैं। पत्रिका ने मोतीडूंगरी मंदिर का किराया पूछा तो 110 रुपए बताए। किराया 60 रुपए ही है।

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