सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो डालना पड़ेगा महंगा, मिलेगी सख्त सजा

हाथ में हथियार लेकर फोटो (Photo with arms in hand) खिंचवाने और सोशल मीडिया (social media) पर डालने वालों के लिए अब मुसीबत पैदा हो सकती है। पुलिस ने सोशल मीडिया की निगरानी (Police monitoring social media) शुरू कर दी है। पुलिस इनका डिजीटल डाटा (Digital data) एकत्रित कर कानूनी शिकंजा (Legal gripes) कसने की तैयारी में है।

पुलिस ने सोशल मीडिया की निगरानी की शुरू

झालावाड़/जयपुर। हाथ में पिस्तौल, बंदूक व धारदार हथियार लेकर फोटो (Photo with arms in hand) खिंचवाने और सोशल मीडिया (social media) पर डालने वालों के लिए अब मुसीबत पैदा हो सकती है। पुलिस, एटीएस व एसओजी ने सोशल मीडिया की निगरानी (Police monitoring social media) शुरू कर दी है। पुलिस सोशल मीडिया पर लोगों को उकसाने और हथियारों की पोस्ट डालने वालों का डिजीटल डाटा (Digital data) एकत्रित कर कानूनी शिकंजा (Legal gripes) कसने की तैयारी में है। इस संबंध में एटीएस-एसओजीके अतिरिक्त महानिदेशक ने आदेश जारी किए है। प्रदेश के सभी रेंज महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत गाइड लाइन भेजी गई है। झालावाड़ पुलिस ने नई गाइड लाइन के अनुसार ऐसे लोगों का डाटा एकत्रित कर कार्रवाई करने की तैयारी कर दी है।

आमजन में भय पैदा नहीं हो इसलिए उठाया कदम
आर्थिक अपराध बढ़ रहे है, अवैध शराब, खनन माफिया, मादक पदार्थों की तस्करी एवं अन्य गैर कानूनी धंधे पनप रहे हंै। आपराधिक गिरोह के सरगना व सदस्य सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो अपलोड कर आमजन मेें भय पैदाकर कर रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है।

ऐसा करना पड़ेगा भारी
अब कोई भी युवा या व्यक्ति सोशल मीडिया पर आपराधिक गैंग के साथ सदस्यता लेने या शेयर करने की पोस्ट डालते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे वाली पोस्ट डालने वालों के खिलाफ भी पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।

यह है नई गाइड लाइन

- कोई गैंगस्टर, अपराधी व व्यक्ति अपना फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर हथियार के साथ अपलोड करता है तो उसके खिलाफ ५/२७ या ७/२७ आम्र्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

- सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट से आमजन में भय पैदा होता है या धमकी दी जाती है तो धारा ५०५ (१) (बी) आईपीसी के साथ ४२० या अन्य संज्ञेय अपराध की धारा में कार्रवाई होगी।
- कोई भी व्यक्ति गैंगस्टर्स के नाम से फेसबुक पेज बनाता है या नकली पहचान से सोशल मीडिया साइट बनाता है तो उसके विरुद्ध धारा ६६ डी आइटी एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।

-कोई व्यक्ति किसी गैंग का सदस्य बनता है या उसका डिजीटल डाटा स्टोर कर उसे दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करें, साथ यह इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज उसके विरुद्ध एनएसए, राजापासा व अन्य निरोधात्मक कार्रवाई में मजबूत आधार होंगे।
-आपराधिक गैंग का सदस्य होने दावा का करने वाले व्यक्ति की तस्दीक कर थाने के संबंधित रिकॉर्ड बीवीएनबी भाग-एक एचएस पत्रावली, डोजियर, क्रिमिनल इंटेलीजेंस रिपोर्ट आदि में अंकित होगी, जिससे संधारित रिकॉर्ड के आधार पर भविष्य में कार्रवाई की जा सके।

मुख्यालय से मिले निर्देश

सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के मुख्यालय से विशेष निर्देश मिले हैं। जिले में सोशल मीडिया पर अफवाह व भय पैदा करने वाली पोस्ट का पता लगाकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अपराध के अनुसार अलग-अलग सजाओं का प्रावधान है। युवा वर्ग अकाउंट पर हथियार आदि के साथ फोटो अपलोड कर रहे हैं, मुख्यालय से ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश मिले हैं। सामाजिक सद्भाव बिगाडऩे वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

राममूर्ति जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक, झालावाड़

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