क्या पूनियां के कामों से आलाकमान खुश हैं, इशारा तो यही था...

राजस्थान भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आ चुकी है। मगर पिछले दिनों सेवा ही संगठन कार्यक्रम में जिस तरह से केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान को सबसे पहले बोलने का मौका मिला और मोदी ने जिस तरह से राजस्थान भाजपा की ओर से कोरोना काल में किए गए कामों की तारीफ की, उससे लगता है कि आलाकमान पूनियां के कामों से खुश है।

By: Umesh Sharma

Published: 06 Jul 2020, 05:38 PM IST

जयपुर।

राजस्थान भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आ चुकी है। इस गुटबाजी में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां अलग-थलग नजर आ रहे हैं। वर्चुअल रैली में कई बड़े नेताओं के पोस्टर में पूनियां की फोटो इस बात का सीधा प्रमाण है। मगर पिछले दिनों सेवा ही संगठन कार्यक्रम में जिस तरह से केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान को सबसे पहले बोलने का मौका मिला और मोदी ने जिस तरह से राजस्थान भाजपा की ओर से कोरोना काल में किए गए कामों की तारीफ की, उससे लगता है कि आलाकमान पूनियां के कामों से खुश है।

भाजपा ने कोरोना काल में 1.90 करोड़ लोगों को भोजन पहुंचाया है। राजस्थान में 52 हजार बूथों तक संवाद किया, जिसमें 24 लाख कार्यकर्ता और जनता जुड़ी। पीएम केयर्स फंड में भी राजस्थान की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पांच लाख प्रवासियों को कार्यकर्ताओं ने मास्क, भोजन और चरण पादुका वितरित की। भाजपा नेताओंने 285 परिवारों को अस्थि विसर्जन के लिए भेजा और भाजयुमो ने 11 हजार 736 यूनिट रक्तदान किया।

बताया जा रहा है कि पूरे देश में राजस्थान ने कोरोना काल में सबसे अच्छा काम किया है। यही नहीं वर्चुअल रैलियों में भी दो करोड़ से ज्यादा लोग जुटे, जिसे भी पूनियां के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। यही वजह है कि राजस्थान को मोदी के समक्ष अपने कामों का ब्यौरा रखने का सबसे पहले मौका दिया गया और मोदी ने भी साफ कहा कि रचनात्मक सहयोग कैसे दिया जाता है। जनता के सुख—दुख में कैसे खड़े होते हैं, यह राजस्थान की भाजपा इकाई ने करके दिखाया है।

Umesh Sharma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned