पात्रता वाले परिवारों के साथ हो रही है राजनीति !

भाजपा ने आरोप लगाया है कि कोरोना जैसी महामारी के इस संक्रमण के दौर में भी राजनीति हो रही है। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने गुरूवार को यह आरोप लगाया कि सारा देश कोरोना से जंग लड़ रहा है, वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में पात्रता वाले परिवारों के राजनीति की जा रही है। सामग्री वितरण में उनकी उपेक्षा की जा रही है।

By: Prakash Kumawat

Published: 02 Apr 2020, 11:12 PM IST

पात्रता वाले परिवारों के साथ हो रही है राजनीति !
जयपुर
भाजपा ने आरोप लगाया है कि कोरोना जैसी महामारी के इस संक्रमण के दौर में भी राजनीति हो रही है। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने गुरूवार को यह आरोप लगाया कि सारा देश कोरोना से जंग लड़ रहा है, वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में पात्रता वाले परिवारों के राजनीति की जा रही है। सामग्री वितरण में उनकी उपेक्षा की जा रही है।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से मुलाकात के बाद राठौड़ ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को अवगत करवाया है कि जयपुर के आदर्शनगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा क्षेत्रों में पात्रता वाले परिवारों के साथ राजनीति की जा रही है, कुछ वर्गों को सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। यह सब राजनीति के चलते हो रहा है, यह गलत है। पात्रता धारी लोगों को ऐसे मौके पर ना जात हैं ना पात है धर्म है ना पंथ है, इन सबसे उपर उठकर उनकी समान रूप से सहायता की जानी चाहिए। इस पर मुख्य सचिव ने उन्हें सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव से यह भी कहा कि बीएलओ के माध्यम से खाद्य सामग्री के वितरण और अन्य सुविधाओं के लिए जो सूचियां तैयार की जा रही है। उनमें राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
राठौड़ ने मुख्यसचिव से कहा कि देश की इस विषम परिस्थिति में सबको राशन मिले इसके लिए राशन की दुकानें पूरे दिन खुले और इन पर सारी सामग्री मिले यह सुनिश्चिकत किया जाना चाहिए। कोरोना के संक्रमण को रोकना हमारी प्रथम वरीयता रहनी चाहिए। राजस्थान में भाजपा के 54 हजार बूथों के कार्यकर्ता सरकार के साथ खड़े हैं। राठौड़ ने सरकार से मांग की है कि ऐसे उद्यमों के लिए जिनकी अवधि 31 मार्च को समाप्त हो रही है, उनके लाइसेंसों को एक बार तीन महीने लिए तदर्थ रूप से बढ़ाया जाए ताकि उनका रिनिवल हो सके। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना जो कि राजस्थान की महत्वाकांक्षी योजना थी जिसमें लगभग 58 लाख लोगों को लाभ मिला था। ये योजना बंद हो गई है। इस योजना में पहले जो अस्पताल शामिल थे, उनमें इस योजना के तहत जो सुविधाएं मिल रही थी, वे फिर से शुरू कराई जाने के साथ ही मौजूदा परिस्थितियों में राजस्थान की जनता को राहत देने के लिए तीन महीने तक बिजली पानी के बिल माफ करने अथवा आगे वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग की है।

Prakash Kumawat Desk
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