खाचरियावास के तीखे तेवर, कहा: सत्र बुलाना हमारा संवैधानिक अधिकार, राज्यपाल संविधान से बड़े नहीं, देखें वीडियो

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा: सरकार की ओर से विधानसभा सत्र का प्रस्ताव राजभवन भेज दिया गया

By: pushpendra shekhawat

Updated: 26 Jul 2020, 07:37 PM IST

अश्विनी भदौरिया / जयपुर। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि विधानसभा सत्र बुलाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। राज्यपाल संविधान से बड़े नहीं हैं। राज्यपाल भाजपा के कार्यकर्ता बनकर नहीं सोच सकते। सरकार की ओर से विस सत्र का प्रस्ताव राजभवन भेज दिया गया है। उसे राज्यपाल को स्वीकार करना चाहिए और सत्र बुलाने की अनुमति देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष आज भी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। वे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का सम्मान कर रहे हैं। राजभवन के घेराव को लेकर खाचरियावास ने कहा कि राज्यपाल कलराज मिश्र के ऊपर एक भी कंकर आएगा तो पहला कंकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उनके मंत्रिमंडल के साथी और पुलिस लेगी।

जनता राज्यपाल से लडऩे नहीं आएगी। नाम घेराव का होता है। प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। इस पूरे प्रकरण में भाजपा राजनीति कर रही है। वहीं, बागियों को लेकर उन्होंने कहा कि बागी कुछ भी कहें कि यदि वे कांग्रेस के हैं तो मंच पर आओ। सरकार के अल्पमत में होने बयान क्यों देते हैं? वे भाजपा के षड्यंत्र में आ रहे हैं।


संविधान और लोकतंत्र खतरे में-शर्मा
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने होटल के बाहर कहा कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। भाजपा धनबल के माध्यम से चुनी हुई सरकारों को गिराने का षड्यंत्र रच रही है। ऐसे में कांग्रेस के पास राजभवन पर प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं दुरुपयोग कर रही है। ऐसे ही चलता रहा तो लोकतंत्र खतरे में आएगा तो देश तानाशाही की तरफ बढ़ जाएगा।

pushpendra shekhawat Desk
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