जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी कर्जमाफी याेजना से हुए आउट

जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी कर्जमाफी याेजना से हुए आउट

By: Ashish Sharma

Published: 24 May 2018, 09:20 PM IST

जयपुर
राजस्थान में सरकार ने किसानों की कर्जमाफी से जुड़ी अपनी योजना से सरकारी कर्मचारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह से अलग कर दिया है। सरकार के निर्देश पर अब इन्हें सरकार की 50 हजार रुपए तक की कर्जमाफी की घोषणा का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके साथ ही अगर कोई किसान आयकरदाता है तो उसे भी फसल ऋणमाफी योजना से अलग कर दिया गया है। ऐसे किसानों को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

रजिस्ट्रार सहकारिता राजन विशाल ने बताया कि राजस्थान फसली ऋणमाफी योजना—2018 के अन्तर्गत केन्द्र और राज्य सरकार के वर्तमान और पूर्व मंत्रिमण्डल के सदस्यों को योजना से अलग कर दिया गया है। इसी तरह वर्तमान एवं पूर्व सांसद— विधायकों के साथ ही आयकरदाता किसान, राज्य एवं केन्द्र सरकार के वेतनभोगी अधिकारी व कर्मचारियों को भी ऋणमाफी से अलग कर दिया गया है। राज्य और केन्द्र के नियमित पेंशनधारक सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी को भी ऋणमाफी का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से सिर्फ जरूरतमंद कर्जदार किसान को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।

मंत्रियों भी योजना से बाहर
राज्य सरकार की ओर से विभिन्न निगमों में नियुक्त ऐसे पदाधिकारी जिन्हें सरकार से केबिनेट एवं राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। इसके साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न आयोगों में नियुक्त अध्यक्ष एवं सदस्य को भी इस योजना के लाभ से अलग कर दिए गए हैं। इसके लिए सर्कूलर जारी किया गया है।
पेंशनर्स, कर्मचारी भी बाहर
मिली जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी सहकारी समितियों से जुड़े हुए हैं। जनप्रतिनिधियों की राजनीति में जाने की शुरूआती सीढ़ी सहकारी समितियों में भागीदारी को माना जाता है। कई जनप्रतिनिधि फसली ऋण योजना का लाभ भी ले रहे हैं। ऐसे में सरकार ने यह निर्णय लेकर सिर्फ जरूरतमंद किसान को ही योजना का लाभ देने का फैसला किया है।
यूनियन ने की थी मांग
ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन, ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव एवं सहकारी साख समितियां एम्पलाईज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि यूनियन ने सरकार से इस संबंध में मांग की थी। यूनियन की मांग पर सरकार ने बड़ा फैसले लेते हुए सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स, आयकरदाता किसान और जनप्रतिनिधियों को योजना से बाहर कर दिया है। यूनियन से सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। यूनियन ने सरकार से यह मांग भी कि है कि योजना से बाहर किए गए इस सभी तरह के व्यक्तियों को बिना ब्याज का फसली ऋण भी नहीं दिया जाए।

 

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Ashish Sharma Desk
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