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जयपुर। ई—मित्र पर आमजन से होने वाली धोखाधड़ी को रोकने की शुरुआत हो गई है। इसके लिए रसीद पर क्यूआर कोड मिलेगा। जिसे स्कैन करके आवेदक ही पता लगा सकेगा कि वह फर्जी है या असली। लंबे समय से फर्जीवाडे की शिकायतों के बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने यह कदम उठाया है। इस क्यूआर कोड से आपको पेमेंट, काम और रिसिप्ट नंबर की जानकारी के साथ ई-मित्र सर्वर से जनरेट हुई या नहीं इसकी जानकारी मिल सकेगी।
विभाग की मानें तो ई-मित्र कियोस्कों पर बिजली, पानी, मूल निवास, जाति, ईडब्यूएस, श्रमिक कार्ड सहित सरकार की करीब 400 से ज्यादा मिल रही सुविधाओं के बदले मिलने वाली रसीद पर यह आर कोड मिलेगा। प्रदेश के सभी 75 हजार से ज्यादा ई—मित्र पर यह सुविधा मिलेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा पानी—बिजली के उपभोक्ताओं को होगा। जिसमें सबसे ज्यादा धोखाधड़ी होती है।
विभाग की छवि हो रही थी खराब
कई ई-मित्र कियोस्क धारक रसीदों में कांट-छांट करते हैं। इसे लेकर विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थी। यही नहीं इन धोखाधड़ी से विभाग की छवि भी खराब हो रही थी। लोकल सर्विस प्रोवाइडर्स इसकी लंबे समय से मांग कर रहे थे। जिसके बाद क्यू आर कोड का सिस्टम पर्ची पर लागू किया गया है।
Published on:
22 Jan 2022 05:44 pm
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