वित्त आयोग के सामने CM गहलोत ने राजस्थान के हित में रखी अहम मांग, पूरी होने पर मिलेगा बड़ा फायदा

15th Finance Commission Meeting : राजधानी जयपुर में CM Ashok Gehlot की केंद्रीय वित्त आयोग ( Finance Commission of India ) के साथ बैठक हुई। इस दौरान सीएम गहलोत ने Rajasthan के हित के लिए मांग रखी। जिसमें Geographical Conditions of Rajasthan के अनुरूप राज्य को अतिरिक्त संसाधन मिलना भी शामिल किया गया। वित आयोग इन मांगों को पूरा करता है तो राजस्थान को इससे काफी हद तक फायदा मिलेगा।

By: rohit sharma

Published: 09 Sep 2019, 06:54 PM IST

जयपुर। राजधानी जयपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की 15वें केंद्रीय वित्त आयोग ( Finance Commission of India ) के साथ बैठक हुई। इस दौरान सीएम गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने Rajasthan के हित के लिए मांग रखी। जिसमें भौगोलिक स्थिति ( Geographical Conditions of Rajasthan ) के अनुरूप राज्य को अतिरिक्त संसाधन मिलना भी शामिल किया गया। वित आयोग इन मांगों को पूरा करता है तो राजस्थान को इससे काफी हद तक फायदा मिलेगा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की विषम भौगोलिक एवं सामाजिक स्थिति, संसाधनों की सीमितता तथा भावी आवश्यकताओं को देखते हुए 15वें वित्तीय आयोग से राज्य को पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है।

CM ने पेयजल एवं सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं पर्यटन के विकास के लिए राज्य को अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सातवें वेतनमान, उदय योजना तथा कर्जमाफी के कारण राजकोष पर बढे़ दबाव के बावजूद राज्य सरकार ने एफआरबीएम एक्ट की काफी हद तक पालना की है, जो कि सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्य के हितों की पुरजोर पैरवी करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रदेश की विशेष परिस्थतियों का आकलन कर आयोग राज्य को हस्तांतरित होने वाले संसाधनों में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा करेगा। मुख्यमंत्री ने राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग हर राज्य की क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें करे।

केंद्रीय करों में 50 प्रतिशत हो राज्यों की हिस्सेदारी
सीएम गहलोत ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से राज्यों को आवंटित विषयों पर होने वाले राज्यों के अनिवार्य व्यय तथा प्रदान की जा रही सेवाओं में व्यय होने वाली धनराशि के मद्देनजर केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले सेस एवं सरचार्ज में राज्यों को भी हिस्सेदारी मिले। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि ऑफशॉर रॉयल्टी, सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश एवं स्पेक्ट्रम की बिक्री जैसे केंद्र सरकार के गैर कर राजस्व से भी राज्यों को हिस्सा दिया जाए।

राजस्थान की विशेष स्थितियों का रखें ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य तथा छितरी आबादी के कारण राजस्थान में आमजन को सेवा प्रदायगी में प्रति इकाई लागत अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं अधिक आती है, इसे देखते हुए आयोग संसाधनों का अंतरण करते समय राजस्थान की इस विशेष स्थिति का ध्यान रखे। उन्होंने कहा कि राज्य की लागत असमानताओं और बैठक में उठाए गए मुद्दों को हस्तांतरण फॉर्मूले में शामिल किया जाए।

केंद्र GST से राज्यों को होने वाले घाटे का भुगतान 2025 तक करे
गहलोत ने कहा कि बीते कुछ समय से केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के फण्डिंग पैटर्न में किए गए बदलाव से राज्यांश में बढ़ोतरी हुई है। इस कारण राज्यों को इन योजनाओं में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। अधिकतर योजनाएं जो पहले शत-प्रतिशत केंद्रीय भागीदारी, 90 अनुपात 10, 75 अनुपात 25 के आधार पर थीं, उन्हें अब 60 अनुपात 40 तथा बराबर की भागीदारी में बदल दिया गया है। राज्यों के हित पर इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि GST से मिलने वाले राजस्व में निर्धारित वृद्धि नहीं होने के कारण केंद्र द्वारा राज्यों को होने वाले घाटे की क्षतिपूर्ति का भुगतान 2024-25 तक किया जाए, इसके लिए वित्त आयोग केंद्र सरकार ( Central Government ) से सिफारिश करे।

सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए बनेगी नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उदय योजना के कारण प्रदेश के राजकोष पर 62 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। उन्होंने राज्य के डिस्कॉम्स के लिए विशेष सहायता की सिफारिश करने का आग्रह किया। गहलोत ने बताया कि भू-जल दोहन में इस्तेमाल होने वाली बिजली की लागत अधिक होती है। किसानों पर इसका भार नहीं पडे़ इसके लिए राज्य सरकार को अनुदान देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन की प्रचुर सम्भावनाएं हैं। राज्य सरकार इसके लिए नीति बना रही है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन तेजी से बढे़गा।

गहलोत बोले, Auto, Transport और Textile सेक्टर संकट में
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्ट तथा टैक्सटाइल सहित अन्य कई क्षेत्र संकट के दौर से गुजर रहे हैं। राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद इन उद्योगों को बढ़ावा देने का हरसम्भव प्रयास कर रही है। मुख्य सचिव के स्तर पर Automobile एवं Textile उद्यमियों के साथ बैठक भी की गई है।

राजस्थान में कला, संस्कृति और Tourism की आपार संभावनाएं
बैठक के बाद वित आयोग अध्यक्ष एनके सिंह ( NK Singh ) ने भी राज्य की मांगों को केंद्र सरकार के सामने रखने और सिफारिश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाला अनुदान राज्यों का संवैधानिक हक है। आयोग सहानुभूति के साथ संतुलित रुख रखते हुए राजस्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप वित्तीय संसाधन आवंटित करने की सिफारिश करेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में कला, संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसका राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) लाभ उठा सकती है। उन्होंने कहा कि यहां की ऎतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं पर्यटन के विकास के लिए वित्त आयोग उचित सिफारिश करेगा।

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