जन सुनवाई से गायब हो गए कांग्रेस कार्यकर्ता, महज 50 फरियादी पहुंचे

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ( Rajasthan Congress Office ) में संगठन के निर्देश पर शुरू हुई जनसुनवाई ( Public Hearing ) को कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं मिल पा रहा है। लगातार यहां जनसुनवाई में कार्यकर्ताओं की कमी देखने को मिल रही है। मुख्यालय पर सोमवार को सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ( Co Oprative Minister Uday Lal Anjana ) ने जनसुनवाई की, जिसमें महज 50 कार्यकर्ता ही पहुंचे,ऐसे में जनसुनवाई जिस मकसद से शुरू की गई, वह पूरा नहीं हो पा रहा है।

जयपुर।
उधर आंजना ने हाइब्रिड महापौर के सरकार के फैसले को सही बताया और कहा कि इस पर पुनर्विचार से राजनीति बढ़ेगी। जन सुनवाई के दौरान सहयोग के लिए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मकबूल मंडेलिया, महासचिव अजीत सिंह शेखावत, सचिव कविता मीणा और सुनील पारवानी मौजूद रहें।

सुभाष गर्ग उठा चुके हैं सवाल
चिकित्सा राज्यमंत्री सुभाष गर्ग ने भी पिछले दिनों पीसीसी में जनसुनवाई की थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि जनसुनवाई करना अच्छा है, लेकिन यह हफ्ते में एक या दो दिन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, इससे जनसुनवाई की गंभीरता बनी रहेगी। हालांकि पार्टी ने अभी तक उनके सुझाव पर कोई विचार नहीं किया है।

पहले दिन उमड़ी थी भीड़
आलाकमान के कहने पर कांग्रेस ने जनसुनवाई करने का निर्णय किया था। आनन—फानन में जनसुनवाई का कार्यक्रम तय किया गया। पहले दिन जलदाय मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने जनसुनवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद जनसुनवाई में आने वाले कार्यकर्ताओं और आमजन की संख्या में लगातार कमी आती जा रही है। अब तक कृषिमंत्री लालचंद कटारिया, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, अर्जुन बामणिया आदि जन सुनवाई कर चुके है।

Umesh Sharma
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