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भाजपा-कांग्रेस के लिए आज का दिन सबसे अहम, प्रदेश की सत्ता का होगा क्वालीफाई राउंड

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rajasthan election 2018

भाजपा-कांग्रेस के लिए आज का दिन सबसे अहम, प्रदेश की सत्ता का होगा क्वालीफाई राउंड

सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में तेज हुई राजनीतिक हलचल के बीच मंगलवार का दिन दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस-भाजपा के लिए अहम हैं। राज्य में 9 माह तक अब चुनावी सरगर्मियां तेजी से चलेंगी। छात्रसंघ चुनाव के परिणाम मंगलवार को आ रहे हैं। जिसे एक तरह से सत्ता में काबिज होने के लिए क्वालीफाई राउण्ड माना जा सकता है। जिसमें युवा शक्ति का रूख पता चलेगा। फिर 3 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव सेमीफाइनल और करीब 9 माह बाद लोकसभा चुनान में फाइनल मुकाबला होगा। इस चुनावी घमासान को रोचक बनाने के लिए प्रदेश में राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के दौरे, सभा और रैलियों का सिलसिला तेज हो गया है।

प्रदेश की राजनीति में मंगलवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि छात्रसंघ में जिस किसी पार्टी की छात्र इकाई (एनएसयूआइ-एबीवीपी) को बढ़त मिलेगी, वह पार्टी के लिए अच्छा माहौल बना सकती है। क्योंकि इन चुनावों में दोनों दलों ने छात्रसंघ प्रतिनिधियों को जिताने को लेकर बाहरी रूप से खुलकर मदद की थी। दूसरा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं। जो विधानसभा चुनाव तैयारी को लेकर राज्य इकाई के साथ मंथन करेंगे। उनके भी कई कार्यक्रम तय हैं। इसी तरह तीसरा बड़ा कार्यक्रम कांग्रेस की संभागीय संकल्प रैली का है। करौली में हो रही इस रैली में कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल होंगे और एकता का संदेश देने के लिए जयपुर से ही एक बस में सवाल होकर करौली पहुंचेंगे।


एनएसयूआई को बढ़त, तो ये होगा असर

एनएसयूआई कांग्रेस का छात्र संगठन है। संगठन ने प्रदेश के लगभग सभी विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। ऐसे में परिणाम आने के बाद युवा शुक्ति के रूख का पता चलेगा कि किस ओर उनका झुकाव है। यह आने वाले चुनावों का रूख जाने के लिए अहम माना जा रहा है।

एबीवीपी को बढ़त, तो ये होगा असर
एबीवीपी भाजपा का छात्रगंठन माना जाता है। संगठन के प्रतिनिधियों ने भी राज्यभर के कॉलेज व विश्वविद्यालयों में चुनाव लड़े हैं। एबीवीपी को बहुमत मिला तो यह भाजपा के लिए अच्छी खबर मानी जा सकती है। राज्य व केन्द्र की सत्ता में काबिज भाजपा ने भी चुनाव में फिलहाल पूरी ताकत झौंक रखी है। एबीवीपी के पक्ष में परिणाम आए तो भाजपा के लिए शुभ संकेत हो सकते हैं।

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