गहलोत सरकार का मिलावटियों के खिलाफ एक्शन प्लान, पकडे गए तो ताउम्र जेल!

गहलोत सरकार का मिलावटियों के खिलाफ एक्शन प्लान, पकडे गए तो ताउम्र जेल!

Nakul Devarshi | Updated: 19 Jul 2019, 09:02:03 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Ashok Gehlot Government का मिलावटियों के खिलाफ Action Plan, पकडे गए तो Life Time Imprisonment ! खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाई बनाने एवं बेचने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को सजा के प्रावधान को संशोधित करते हुए गैर जमानती और आजीवन कारावास करने के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।

जयपुर।

प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थ और नकली दवाइयों के काराबोर को रोकने के लिए सरकार ने कानून को सख्त करने के प्रति आश्वस्त किया है। विधानसभा में गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ( Health Minister Dr. Raghu Sharma ) ने मिलावट रोकने के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किये जाने की बात कही। उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाई बनाने एवं बेचने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को सजा के प्रावधान को संशोधित करते हुए गैर जमानती और आजीवन कारावास करने के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।


104 अरब 41 करोड़ की अनुदान मांगे पारित
डॉ. शर्मा विधानसभा में मांग संख्या-26 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य और सफाई पर हुई बहस के बाद सदन ने चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य और सफाई की 104 अरब, 41 करोड़ 27 लाख 20 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।

 

आयुर्वेद विभागीय औषधालय प्रारम्भ किए जाएंगे
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि वर्तमान में 62 ब्लॉक मुख्यालयों पर आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन स्थानों पर आयुर्वेद चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय औषधालय प्रारम्भ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में आयुर्वेद औषधालयों को चरणबद्ध रूप से ‘‘हैल्थ एंड वेलनेस सेन्टर्स’’ के रूप में प्रोन्नत किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत योगाभ्यास, निःशुल्क आयुर्वेद उपचार एवं परामर्श तथा जड़ी-बूटियों की जानकारी दी जाएगी।

 

15 हजार पदों पर होंगी भर्तियां
चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में 15 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 737 डॉक्टरों की भर्तियों के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही 2000 डॉक्टरों की भर्ती के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भिजवाया गया है। इन भर्तियों के बाद प्रदेश के किसी भी हिस्से में डॉक्टरों की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

 

अस्पतालों में किया जाएगा सुविधाओं का विस्तार
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों एवं सम्बद्ध अस्पतालों की प्रगति एवं सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि किए जाने के लिए सतत् प्रयत्नशील है। इसी वर्ष बाड़मेर जिले में 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में पूर्व में संचालित मेडिकल कॉलेजों में 550 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की गई है। अब प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटें 1950 से बढ़ाकर 2600 हो गयी है। उन्होंने बताया कि सीकर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य व जिला अस्पताल का उन्नयन एवं विस्तार कार्य प्रगति पर है। इसको अगले शैक्षणिक सत्र से प्रारम्भ करने की योजना है।

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि एसएमएस अस्पताल की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए ओपीडी में पृथक से बैठने, वहीं पर जांच के लिए सैम्पल लेने तथा दवा उपलब्ध कराने के लिए की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब साढ़े सात करोड़ जनता को विधिक रूप से स्वास्थ्य का अधिकार देने के लिए प्रदेशवासियों को ‘राइट टू हेल्थ’ को अंतिम स्वरूप प्रदान कर शीघ्र ही कानून का स्वरूप प्रदान करेंगे।

 

104 तरह की नई दवाईयां होंगी निशुल्क
चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत 608 निशुल्क दवाईयों की संख्या में 104 तरह की नई दवाईयां शामिल करने से कैंसर, हार्ट एवं किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार में लाभ मिलेगा। यह संख्या बढ़ाने से निशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली निशुल्क दवाईयों की संख्या बढ़कर 712 हो जाएगी। इसी तरह मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत मेडिकल कॉलेज स्तर पर निशुल्क जांचों की संख्या 70 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है।


आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित होंगे 1 करोड़ 20 लाख परिवार
प्रदेश में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्र्तगत लगभग 96 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़कर लागू किए जाने पर अब लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवार इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे।

 

उपस्वास्थ्य केन्द्र होंगे हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित
सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल 3 हजार 971 स्वास्थ्य केन्द्रों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर में परिवर्तित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 1817 पीएचसी, 30 यूपीएचसी एवं 2124 उपस्वास्थ्य केन्द्र शामिल है।

 

जिला स्तर पर भी मिलेगी हेपेटाइटिस उपचार सुविधाएं
पंजाब के बाद राजस्थान नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम प्रारम्भ करने वाला दूसरा प्रदेश बना है। यह कार्यक्रम इसी वर्ष 7 जून 2019 से प्रारम्भ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत वायरल हेपेटाइटिस की स्क्रीनिंग तथा समय पर उपचार की सुविधा सुलभ करायी जायेगी। एसएमएस जयपुर, जे.एल.एन. अजमेर तथा जोधपुर के मेडिकल कॉलेज को आदर्श उपचार केन्द्र चुना गया है। इनके साथ ही जिला स्तर पर भी हेपेटाइटिस उपचार सुविधाएं सुलभ करायी जायेगी।

 

प्रतिवर्ष 1 हजार हृदय रोगियों का होगा निःशुल्क उपचार
बच्चों में जन्मजात दिल में छेद के साथ ही अन्य विकृतियों तथा जरूरतमंद हृदय रोगियों का उपचार करने के लिए 28 मई 2019 को चिकित्सा विभाग ने राजकोट के सत्यसाई फाउण्डेशन के साथ एमओयू किया है। एमओयू के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का अहमदाबाद में तथा अन्य हृदय रोगियों को राजकोट ले जाकर फाउन्डेशन द्वारा ‘‘दिल विदआउट बिल’’ की तर्ज पर पूर्णतः निःशुल्क उपचार किया जायेगा। प्रतिवर्ष 1 हजार हृदय रोगियों का निःशुल्क उपचार कराया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा प्रति मरीज और उनके एक परिजन को अहमदाबाद अथवा राजकोट आने-जाने के व्यय के लिए 5 हजार रूपये की राशि दी जाएगी।

 

पीसीपीएनडीटी एक्ट का होगा प्रभावी क्रियान्वयन
घटता लिंगानुपात हम सब के लिए चिंता का विषय रहा है। प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शिशु लिंगानुपात मात्र 888 था। शिशु लिंगानुपात में सुधार करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की सख्ती से पालना करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 में लागू होने के बाद भ्रूण ***** परीक्षण में लिप्त लोगों को पकड़ने की योजना के तहत अब तक 45 इन्टरस्टेट सहित कुल 152 डिकॉय ऑपरेशन किये जा चुके हैं। वर्ष 2019 में अब तक 11 डिकॉय कार्यवाही की जा चुकी है। शीघ्र ही पड़ौसी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर नयी रणनीति तय की जाएगी।

 

खाद्य पदार्थों की जांच के लिए शुरू होंगी 5 प्रयोगशालाएं
मिलावटखोरी पर कड़ा नियंत्रण हमारी विशेष प्राथमिकता है। इसके लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट की तर्ज पर सख्त कार्यवाही की जायेगी तथा इसके लिए विशेष दल गठित किये जायेंगे। वर्तमान में राज्य में 6 खाद्य प्रयोगशालाओं में खाद्य पदार्थो की जांच की जा रही है। 5 नई खाद्य प्रयोगशालाएं भरतपुर, बीकानेर, बांसवाडा़, चुरू व जालौर को शीघ्र ही क्रियाशील की जाएंगी।

 

सदन में की गई घोषणाएं
• प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को अर्ली कैंसर डिटेक्शन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।
• यूनिवर्सल स्क्रीनिंग आफ कॉमन एनसीडीज प्रोग्राम के अन्तर्गत प्रत्येक परिवार का फैमिली सर्वे कर 30 से 65 आयु वर्ग के व्यक्तियों की असंक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग का प्रावधान किया गया है।
• जयपुर में लगभग 15 लाख रूपये के इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, निकोटिन कार्टरेज, वैप आदि जब्त किये गये हैं। साथ ही हुक्का बार के संचालन को प्रतिबंधित करने के लिये एक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया जा रहा है।
• उदयपुर व जोधपुर में पेस्टीसाइड एवं हैवी मेटल्स की जांच के लिए आवश्यक उपकरण व मानव संसाधन उपलब्ध करवाकर कार्य प्रारम्भ करवाया जायेगा।
• वर्तमान कानून सख्ती से लागू करने, लंबित प्रकरणों में त्वरित सुनवाई व दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। जरूरत पड़ी तो कानून में सुधार कर कड़े प्रावधान लाये जाएंगे।
• अभी लैब टेक्निशियन, नर्सिंग स्टॉफ को विशेष ट्रेंनिग देकर फूड इंस्पेक्टर की जिम्मेवारी दी गयी है और 98 में से 60 पदों पर इनको लगाया गया है। इसमें समस्त 98 पदों पर प्रावधित योग्यतानुसार खाद्य निरीक्षक भर्ती की अभ्यर्थना प्रेषित की जा चुकी है। जिन पर शीघ्र ही भर्ती से समस्त पद भर दिए जायेंगें। इसमें सैंपल लेने की तकनीकी योग्यता वाले अधिकारी की कानून अपेक्षा की कमी भी दूर हो जायेगी।
• चिकित्सकों के 737 पदों को भरने की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इन पदों को शीघ्र भरा जायेगा।
• आमजन को दंत रोगों के उपचार हेतु उपलब्ध सुविधाओं में बढ़ोत्तरी किये जाने हेतु दंत चिकित्सा अधिकारियों के 480 नये पद सृजित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
• प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी को तत्काल पूरा करने के लिए अर्जेन्ट टेम्परेरी बेसिस पर चिकित्सकों को लिये जाने की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जायेगी।
• जनघोषणा पत्र में किये गये वादे के अनुसार राज्य की एलोपैथिक चिकित्सा संस्थान विहिन ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर उपस्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की कार्यवाही की जायेगी।
• वर्तमान वित्तीय वर्ष में 4 नये व्यापक स्तनपान प्रबंधन केन्द्र अजमेर, कोटा, बीकानेर तथा जोधपुर में खोलने की भी घोषणा की। इस संबंध में उत्तर भारत का क्षेत्रीय संदर्भ केन्द्र जे.के. लॉन अस्पताल जयपुर में स्थापित किया जायेगा।
• राज्य के थैलेसीमिया के मरीजों को 2 करोड़ 88 लाख रूपये लागत के फिल्टर बैग उपलब्ध कराये जायेंगे।
• चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को सुदृढ़ करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 732 करोड़ रूपये की राशि से 59 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 74 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 170 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के नवीन भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण करवाया जायेगा।
• जयपुर में 200 करोड़ रूपये की लागत से बनाए जा रहे सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसमें ऑर्गन ट्रान्सप्लान्ट संस्थान की स्थापना की जायेगी।
• जयपुर व जोधपुर मेडिकल कॉलेज में अंग प्रत्यारोपण किया जा रहा है। शेष राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नॉन ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेन्टर की स्थापना की जा रही है। भविष्य में शेष राजकीय मेडिकल कॉलेजों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेन्टर के रूप में चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
• राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी द्वारा 139 चिकित्सक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में 113 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गयी। जिसमें से राज्य के नवीन मेडिकल कॉलेजों में 34 व पिछली भर्तियों के 9 चिकित्सक शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया है। रिक्त भर्तियों के लिए अभियान चलाकर भर्तियां शीघ्र की जायेंगी।
• धौलपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारम्भ किया जायेगा।
• मथुरादास माथुर चिकित्सालय, जोधपुर में मल्टी स्टोरी आईसीयू वार्ड का चरणबद्ध रूप से निर्माण किया जायेगा।
• मेडिकल कॉलेज अजमेर जो कि वर्तमान में शहर के बीचों-बीच स्थित है एवं अस्पताल के अत्यंत निकट है। वर्तमान समय में बढ़ते हुये रोगी भार को दृष्टिगत रखते हुए अस्पताल के विकास एवं मेडिकल कॉलेज को भी 250 एमबीबीएस सीटों की प्रवेश क्षमता हेतु आवश्यक स्थानाभाव के कारण बाधक सिद्ध हो रहा है। अतः मेडिकल कॉलेज के भवन का कायड़ ग्राम में निर्माण करने का प्रस्ताव विचाराधीन है ताकि कॉलेज और अस्पताल दोनाें का समुचित विकास हो सके। इससे भविष्य में मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन वाली जगह पर सुपरस्पेशिलिटी ब्लॉक की स्थापना भी सुगमता से की जा सकेगी।
• बीकानेर के डूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रधानसर में नया उप स्वास्थ्य केन्द्र खोला जाएगा।

 

आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्वति विभाग की घोषणाएं
• जन घोषणा पत्र की अनुपालना में सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर चरणबद्ध रूप से आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
• राज्य में आयुर्वेद औषधालयों को चरणबद्ध रूप से ‘‘हैल्थ एंड वेलनेस सेन्टर्स’’ के रूप में प्रोन्नत किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत योगाभ्यास, निःशुल्क आयुर्वेद उपचार एवं परामर्श तथा जड़ी-बूटियों की जानकारी दी जाएगी।
• मगरा, डांग मेवात क्षेत्र के निवासियों को यूनानी चिकित्सा का लाभ देने के लिए यूनानी चिकित्सा मोबाइल यूनिट प्रारम्भ की जाएगी।
• मेडिटूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर में संचालित पंचकर्म केन्द्र को आधुनिक एवं सुसज्जित किया जाएगा।
• आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं योग चिकित्सा सेवाएं एक छत के नीचे प्रदान किये जाने के उद्देश्य से सीकर जिला मुख्यालय पर 50 बैड का नया एकीकृत आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा।
• बीकानेर, चूरू एवं भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर 50 बैड का नया एकीकृत आयुष चिकित्सालय प्रारम्भ किए जाएंगे।
• आयुर्वेद विज्ञान की स्वास्थ्य परक उपादेयता, शु़द्ध पेयजल, जड़ी बूटियों के ज्ञान आदि के लिए राज्य के 5 गांवों को आयुष ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
• 85 आयुर्वेद औषधालयाें के नवीन भवन निर्माण व मरम्मत कार्य किया जाएगा।
• राजस्थान आयुर्वेद सेवाओं में एकरूपता लाए जाने के उद्देश्य से राजस्थान ग्रामीण आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा नियम, 2008 तथा अधीनस्थ ग्रामीण सेवा नियम, 2008 को रिपील किया जागा।

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