पेट्रोल-डीजल पर ढाई महीने में 4.50 रुपए बढ़े, ट्रांसपोर्ट 35 फीसदी तक महंगा, सब्जियां 25 प्रतिशत तक मंहगी

पेट्रोल-डीजल पर ढाई महीने में 4.50 रुपए बढ़े, ट्रांसपोर्ट 35 फीसदी तक महंगा, सब्जियां 25 प्रतिशत तक मंहगी

kamlesh sharma | Publish: Sep, 10 2018 03:23:21 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर। राज्य सरकार ने अब राहत भले ही दी है लेकिन पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों की आम आदमी पर सीधी मार पड़ी है। पिछले ढाई महीने में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें 4.50 रुपए बढ़ी हैं। इससे ट्रांसपोर्ट 35 फीसदी मंहगा हुआ, तो बाहरी राज्यों से आने वाले सामान भी मंहगे होते गए। निजी टैक्सियों का किराया 15 प्रतिशत बढ़ गया। सब्जियां 25 प्रतिशत तक मंहगी हो गईं।

अब मामूली राहत की आस
डीजल की कीमतों में मामूली कमी से खाद्य व कृषि उत्पादों की कीमतों में नरमी आ सकती है क्योंकि इनके परिवहन के लिए वाहनों में डीजल ही इस्तेमाल होता है। देश में यातायात के कुल वाहनों में से 72 प्रतिशत डीजल व 23 प्रतिशत पेट्रोल से चलते हैं। फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का मानना है कि पेट्रोल-डीजल पर वैट घटने से राज्य का मंद पड़ा ट्रांसपोर्ट उद्योग पटरी पर लौट सकेगा। ट्रक ऑपरेटर्स के मार्जिन में मामूली सुधार होने की उम्मीद है।


सब्जियों पर असर
बाहरी राज्यों की सब्जियों-फलों पर असर हुआ। शहर के आसपास क्षेत्रों से आ रही सब्जियों के दाम तो पिछले एक महीने में घटे हैं लेकिन दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों के दाम बढ़े हैं। कई सब्जियां तो 5-7 रुपए किलो तक महंगी हुई हैं।

ये रहे भाव
सब्जी-----15 दिन पहले---- रविवार को
टिंडे-------25-30-------- 40-45
टमाटर-----13-15---------17-20
प्याज------20-----------25


बाहरी राज्यों से आने वाली सब्जियां महंगी हुई हैं। बारिश में टमाटर बेंगलूरु और महाराष्ट्र से आ रहा है। पेट्रोल के दाम बढ़े तो टमाटर प्रति किलो 5 रुपए तक मंहगा हुआ है।
अब्दुल समद, सब्जी विक्रेता, लालकोठी सब्जी मंडी

जो सब्जियां आसपास से आ रही हैं, उनके दाम कम हुए हैं लेकिन बाहर से आने वाली
सब्जियों के दाम बढ़े हैं। टिंडा, टमाटर, प्याज, भिंडी जैसी कई सब्जियां महंगी हुई हैं।
कयूम खान, सब्जी विक्रेता, लालकोठी सब्जी मंडी


पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन 35 से 40 प्रतिशत महंगा हो गया। रात के समय दाम बढ़ते हैं तो ट्रांसपोर्टर को ही वहन करना पड़ता है।
अनिल आनंद, महासचिव, जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर एसोसिएशन


पेट्रोल-डीजल के दाम खुद बता रहे वृद्धि
तारीख---------पेट्रोल-------डीजल
12 जून--------79.21------72.30
13 जुलाई------79.55------72.91
14 जुलाई------79.74----- 73.10
27 अगस्त-----80.82------74.07
1 सितम्बर-----81.63----- 75.09
8 सितम्बर-----83.39-----77.29
9 सितम्बर------83.51----77.40

 

निजी टैक्सियों का किराया बढ़ा
डीजल मंहगा होने से निजी ऑपरेटर्स ने टैक्सियों का किराया बढ़ा दिया। पिछले २ माह में यह किराया 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसके बाद ऑटो व कैब चालक भी किराया बढ़ाने की मांग करने लगे।


डीजल की कीमत तो लगातार बढ़ी मगर किराया नहीं बढ़ रहा था। सवारी को छोडऩे के बाद वापसी में सवारी नहीं मिलती तो जेब में कुछ नहीं बचता। डीजल बढऩे पर किराया भी बढ़े, तब ही गाड़ी चल पाएगी।
भागवत मंडल, ऑटो चालक

जयपुर में घर है और दिल्ली में नौकरी। लगभग हर सप्ताह घर आना होता है। पहले 4 हजार रुपए के डीजल में काम चल जाता था। अब लगभग 5 हजार रुपए लगते हैं। सीधे एक हजार की मार पड़ रही है।
वत्सला


रोजाना पेट्रोल के दाम अलग मिलते हैं। दाम घटते कम, बढ़ते ज्यादा हैं। कभी 50 पैसे तो कभी एक रुपए। पेट्रोल 100 रुपए पार न चला जाए।
तीर्थराम

&छह महीने से पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते आए हैं। सौ रुपए का पेट्रोल पहले 2-3 दिन चलता था, अब हर दूसरे दिन भरवाना पड़ता है।
रवि लखपतानी

 

पेट्रोल के दाम बढऩे से केवल पेट्रोल पर ही खर्च नहीं बढ़ा बल्कि घर का खर्च भी गड़बड़ाने लगा है। महीने का खर्च एक हजार रुपए तक बढ़ गया है।
कमला, गृहिणी

मैं 11 साल से पेट्रोल पम्प पर काम कर रहा हूं। इस दौरान पेट्रोल करीब 20 रुपए तक बढ़ चुका है। आम व्यक्ति पर मार पड़ रही है।
कैलाश मीणा, पेट्रोल पम्प कर्मी

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