राजस्थान के ओमप्रकाश मिथरवाल ने साधा 'स्वर्ण' पर निशाना, विश्व निशानेबाजी में 12 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

राजस्थान के ओमप्रकाश मिथरवाल ने साधा 'स्वर्ण' पर निशाना, विश्व निशानेबाजी में 12 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

Mridula Sharma | Publish: Sep, 04 2018 02:08:17 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 02:56:31 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

कोरिया के चांगवान में आयोजित विश्व निशानेबाजी चैम्पियनशिप में सीकर के बेटे का कमाल

जयपुर.

राजस्थान के सीकर जिले के नीमड़ी गांव के निवासी ओमप्रकाश मिठारवाल ने एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ओमप्रकाश ने कोरिया के चांगवान में आयोजित आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैम्पियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले ओमप्रकाश का यह करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

 

साल 2014 में सेना में भर्ती होने के बाद ओमप्रकाश ने निशानेबाजी के गुर सीखे। निशानेबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण सेना के अफसरों ने उन्हें प्रोफे शनल ट्रेनिंग दिलवाने का फैसला किया। इसके बाद ओमप्रकाश ने एक के बाद एक कई उपलब्धियां अपने नाम की और देश का नाम रौशन किया है।

 

ओमप्रकाश के अलावा चैम्पियनशिप की मिश्रित जूनियर स्पर्धा में एशियन खेलों के चैंपियन सौरभ चौधरी ने कांस्य जीता। भारत ने चैंपियनशिप में अब तक आठ पदक जीते हैं और इसी के साथ उसने 12 वर्ष पहले 49वें जगरेब विश्व निशानेबाजी के अपने छह पदकों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया है। सौरभ चौधरी और अभिन्दया पाटिल ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम जूनियर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर आठवां पदक दिलाया।

 

एशियाई खेलों के चैंपियन सौरभ और पदार्पण कर रही अभिन्दया ने पांच टीमों के फाइनल में 761 के स्कोर के साथ क्वालीफाई किया था। इस स्पर्धा में अन्य भारतीय देवांशी राणा और अनमोल जैन की टीम ने 765 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहकर क्वालीफाई किया।

 

फाइनल में सौरभ और अभिन्दया ने 329.6 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया जबकि स्वर्ण पदक और रजत मेजबान कोरिया ने जीता। हालांकि हीना सिद्धू, मनु भाकर और श्वेता ङ्क्षसह की भारतीय टीम महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में ही नहीं पहुंच सकी। टोक्यो 2020 के ओलंपिक कोटा के लिये अहम इस चैंपियनशिप में मनु ने ही सर्वाधिक 574 का स्कोर पाया और 13वें नंबर पर रहीं। शीर्ष आठ खिलाडिय़ों को फाइनल में प्रवेश मिलता है।

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