राजस्थान-यूपी बॉर्डर : लौट के बस घर को आई

कांग्रेस व उत्तर प्रदेश सरकार ( Congress-UP Government ) के बीच चल रहा निजी बसों का विवाद ( Labour Bus Dispute ) बुधवार शाम छह बजे तक बरकरार रहा। कांग्रेस नेताओं ने 32 घंटे बाद भी स्वीकृति नहीं मिलने पर सभी बसों को बुधवार शाम को वापस ( Bus Returned ) भेज दिया। ( Jaipur News )

By: sanjay kaushik

Published: 21 May 2020, 01:02 AM IST

-मंजूरी नहीं मिली तो कांग्रेसियों ने बसों को वापस भेजा

-कांग्रेस-उत्तरप्रदेश सरकार के बीच बसों को लेकर विवाद का मामला

भरतपुर/फतेहपुर सीकरी। पिछले चार दिन से कांग्रेस व उत्तर प्रदेश सरकार ( Congress-UP Government ) के बीच चल रहा निजी बसों का विवाद ( Labour Bus Dispute ) बुधवार शाम छह बजे तक बरकरार रहा। इस दौरान एआईसीसी सचिव जुबेर खान, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग सहित कई कांग्रेस विधायक मौके पर मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने 32 घंटे बाद भी स्वीकृति नहीं मिलने पर सभी बसों को बुधवार शाम को वापस ( Bus Returned ) भेज दिया। ( Jaipur News )

-यूपी के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रिहा...फिर गिरफ्तार

उधर, उत्तरप्रदेश की फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजयकुमार लल्लू व एआईसीसी सचिव विवेक बंसल को आगरा के दीवानी न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनके कोर्ट से बाहर आते ही यूपी की लखनऊ पुलिस ने अजय लल्लू को फिर गिरफ्तार कर लिया। अजय व प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह के खिलाफ 1049 निजी बसों की सूची में गड़बड़ी को लेकर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

-आगरा में विवाद, एक दर्जन कांग्रेसी चोटिल

आगरा में कोर्ट से बाहर आते ही लखनऊ पुलिस ने वहां के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजयकुमार लल्लू को जैसे ही गिरफ्तार किया, वैसे ही मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हो गए। पुलिस की गाड़ी के सामने कांग्रेसियों के लेटने के बाद मामला और गर्मा गया। पुलिस को उन्हें हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, इसमें एक दर्जन कार्यकर्ताओं को चोट आई हैं।

-प्रियंका गांधी ने की थी पेशकश...भाजपा बसों पर लगाए अपने झंडे

प्रवासी श्रमिकों के लिए कांग्रेस की तरफ से 1000 बसें चलाने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व उत्तर प्रदेश योगी सरकार के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बुधवार दोपहर बाद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर बसों को चलने दिया जाए। भाजपा चाहे तो बसों पर अपने झंडे और पोस्टर भी लगा दे। बसों का मजदूरों के हितों में इस्तेमाल होना चाहिए। प्रियंका ने लॉकडाउन के बाद से यूपी के 67 लाख लोगों की मदद करने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि हम सबको अब अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी। ये भारत के वो लोग हैं जो भारत की रीढ़ हैं। जिनके खून पसीने से ये देश चलता है। अपने राजनीतिक स्वार्थ से परहेज कर हर किसी को सेवाभाव से लोगों की मदद में शामिल होना चाहिए।

-कांग्रेस राजस्थान-पंजाब के श्रमिकों की मदद क्यों नहीं कर रही : यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासी मजदूरों व कामगारों के लिए कांग्रेस की ओर से उपलब्ध करवाई गई बसों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब भी जारी है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पंजाब और राजस्थान में प्रवासियों के लिए बसें क्यों उपलब्ध नहीं करवा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब राजस्थान के कोटा में बच्चे फं से हुए थे तब कांग्रेस को उनकी याद क्यों नहीं आई। योगी सरकार ने अपनी बसों को भेजकर बच्चों को वहां से मंगवाया। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि बॉर्डर पर पहुंची बसें राजस्थान सरकार की हैं।

-यूपी सरकार कहिन...

-शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की भेजी गई बसों में 297 का फि टनेस सर्टिफि केट नहीं है। उनमें से 98 तिपहिया वाहन, कार और एंबुलेंस हैं। जबकि 68 के पास कोई कागजात उपलब्ध नही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर मुश्किल समय में राजनीति करने का आरोप लगाया है।

-इससे पहले शर्मा ने कहा कि इस समय साथ मिलकर काम करना चाहिए, पर कांग्रेस ने गुमराह करने की कोशिश की है। श्रमिकों को लाने-ले जाने के लिए जिलों के बॉर्डर पर 200 बसें रखी गई हैं।
-कांग्रेस सिर्फ व्यवधान पैदा करना जानती है। यह आपराधिक कृत्य है। यूपी सरकार सबसे ज्यादा प्रवासियों को लाई है और ला भी रही है।
-राजस्थान और महाराष्ट्र की हालत बदतर है। कांग्रेस प्रवासियों के भोजन व चेकअप की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। सपा, बसपा और कांग्रेस महामारी में क्रूर मजाक कर रही हैं।

-प्रदेश भाजपा ने बोला राज्य सरकार पर धावा

प्रवासी श्रमिकों को लाने में हो रही राजनीति, कोरोना को रोकने में राजस्थान सरकार के विफल होने और यूपी बॉर्डर पर बस सियासत को लेकर भाजपा के तीन नेताओं ने एक साथ बुधवार को सरकार पर धावा बोला।

-कटारिया : नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कोरोना विस्फोट के लिए राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन की पालना में ढिलाई बरतने को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अगर मरकज नहीं होता तो आज हिन्दुस्तान त्राहि—त्राहि से बच जाता। प्रवासियों क मामले में सरकार ने केवल कोहनी पर गुड़ लगाने का काम किया। सरकार का दोगलापन राजस्थान को संक्रमित होने से नहीं बचा सकता। सरकार को उन्होंने नसीहत दी कि राजनीति में पत्थरबाजी का काम मत करो और वो ही बोलो जो कर सकते हो।

-पूनियां : प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख करोड़ की घोषणाओं में वेंडर्स और गरीबों को लोन दिलाने में भाजपा पूरी मदद करेगी। बसें आज भी बॉर्डर पर खड़ी हैं, लेकिन उन बसों में श्रमिक नहीं हैं। खुद ड्राइवर ये बात कर रहे हैं। हमने इसके वीडियो भी जारी किए हैं। प्रवासी श्रमिकों को लेकर कांग्रेस ने ओछी राजनीति की है और इसके लिए राजस्थान को चुना है।

-राठौड़ : उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि महज ढाई लाख प्रवासी राजस्थान में आए हैं और इनमें 888 लोगों के कारोना पॉजिटिव निकलना गंभीर है, सरकार को सावचेत रहने की जरूरत है। प्रदेश में कोरोना विस्फोट हो गया है और सरकार को सजग रहने की जरूरत है। बस पॉलिटिक्स पर कहा कि अंतरराज्ययीय परमिट के बिना बसों का आवागमन नहीं हो सकता है। क्या कांग्रेस जो बसें भेज रही है न तो उनके पास फिटनेस है और न ही परमिट। ये केवल दिखावा करने के लिए किया जा रहा है।

-बसों को रोक योगी सरकार ने किया गैरकानूनी कृत्य : खाचरियावास

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बुधवार को अपने सरकारी निवास पर प्रेसवार्ता में कहा कि पूरे देश ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री की वादा खिलाफी, गैरकानूनी कृ त्य और भारत सरकार की अवमानना को देखा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका गांधी के कहने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भेजी गई 1000 बसों को मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए काम लेने की बजाए वापस भेज दिया और यह कहकर लौटा दिया कि बसों के पास फिटनेस नहीं है, परमिट नहीं है, लाइसेंस नहीं है, यह इतना बड़ा पाप और गैरकानूनी कृत्य है, जिसे माफ ही नहीं किया जा सकता।

-केंद्र की थी घोषणा...30 जून तक अधूरे कागजात भी मान्य

खाचरियावास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने वाली भारत सरकार ने 30 मार्च को एक आदेश जारी किया और सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया कि 30 जून तक पूरे देश में किसी भी यात्री वाहन, कार, टैक्सी, स्कूटर, मोटरसाइकिल और बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, जो खत्म हो गए हैं उन सभी को 30 जून तक मान्य माना जाएगा। इससे स्पष्ट हो गया कि उत्तर प्रदेश की सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जो आदेश दिया गया उस आदेश को मानना सभी राज्य सरकारों का कानूनी और नैतिक कर्तव्य है। इसलिए भारत सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

-केंद्र व भाजपा नेता नहीं ले रहे मजदूरों की सुध

खाचरियावास ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र के सारे मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, देश के सभी भाजपा नेता महलों में बैठकर कोरोना महामारी से डर के जनता की कोई सुध नहीं ले रहे हैं और पूरे देश में मजदूर सड़कों पर पैदल दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, दर्द और भूख से परेशान मजदूर सड़कों पर चले जा रहा है, लेकिन भारत सरकार मजदूरों की सुध नहीं ले रही है। राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने मजदूरों को घरों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक बसें चलाई है।

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