राजस्थान में अंधड़-बारिश और ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान, एक महिला की मौत

प्रदेश में लगातार दूसरे दिन अंधड़ और बरसात, कहीं—कहीं ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान, कई जगह बिजली गिरी, बुधवार को खत्म होगा पश्चिमी विक्षोभ का असर, शुष्क रहेगा मौसम

By: pushpendra shekhawat

Updated: 23 Mar 2021, 07:39 PM IST

जया गुप्ता / जयपुर। प्रदेश में मंगलवार को भी अंधड़-बारिश का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। इससे मौसम भले ही सुहावना हो गया मगर फसलों को हुए नुकसान के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

आकाशीय बिजली गिरने से भरतपुर के जुरहरा थाना क्षेत्र के बादीपुर गांव में महिला की मौत हो गई। वहीं 15 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल है। खेत में गेहूं की कटाई के दौरान यह हादसा हुआ। महिला खेत में कटाई कर रही थी। इसी दौरान मौसम बिगड़ा और बिजली गिर गई।

विभिन्न जिलों में रही यह स्थिति

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शेखावाटी के कई क्षेत्रों में मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज अधंड़ के साथ सुबह हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। दोपहर को सीकर, लक्ष्मणगढ़ में चने के आकार के ओले भी गिरे। वहीं नागौर के कुचामन में बारिश के साथ आसमान में चने के आकार के ओले गिरने लगे। एकबारगी सडक़ों पर ओलों की चादर बिछ गई। रुक-रुक कर दो बार ओलावृष्टि के बाद करीब आधे घंटे जमकर बारिश हुई।

किसान बोले - सालभर की मेहनत एक पल में पानी-पानी

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बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में पड़ी फसलों में नुकसान हुआ है। इन दिनों खेतों में गेहूं, जौ व इसबगोल की फसलें कटाई पर है। कई खेतों में फसलें खड़ी है तो कई किसानों ने फसलें काट कर रखी है। फसलें गोदाम तक नहीं पहुंचने के चलते अधिकांश किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि फसलें पूरी तरह पक चुकी थी। ऐसे में ओलावृष्टि व बारिश से दाने काले पड़ जाएंगे। जिससे उपज की गुणवत्ता कम होने से अच्छे भाव नहीं मिल सकेंगे। पूरे एक साल से फसल से अच्छी आय की उम्मीद लगाए हुए बैठे थे। लेकिन अचानक हुई बारिश से एक पल में उम्मीद पानी-पानी हो गई।

इस वजह से हो रही बरसात

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स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर के पास बना है। जबकि एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की तरफ बढ़ते हुए उत्तरी पाकिस्तान पर पहुंचा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से विकसित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी राजस्थान के ऊपर है और एक चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना हुआ है।

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इन सभी सिस्टमों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और पश्चिमी विक्षोभ तीनों तरफ से आद्र्र हवाएँ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आ रही हैं। यही कारण है कि यहां पर बारिश का मौसम बना है। इस सिस्टम का असर 24 मार्च से कम हो जाएगा। इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा।

pushpendra shekhawat Desk
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