घर जाने से पहले कोरोना मरीज के अटेंडेंट को कराना होगा RT-PCR Test

संक्रमित मरीज के डिस्चार्ज होने पर अटेण्डेंट का भी होगा आरटीपीसीआर टेस्ट, जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट में आयोजित चिकित्सा अधिकारियों की बैठक के दौरान दिए निर्देश

By: pushpendra shekhawat

Published: 11 May 2021, 09:21 PM IST

जयपुर। अस्पतालों में कोविड संक्रमित मरीज के साथ उनके परिवार या रिश्तेदार में से एक समय पर किसी एक परिजन को ही अटेण्डेन्ट के रूप में सभी निर्धारित सुरक्षा उपाय रखकर ही रहने की अनुमति दी जाएगी। अस्पताल में ही उसे दवाई का किट उपलब्ध कराया जाए एवं उसका पूरा नाम, पता, मोबाइल नम्बर लिया जाएगा।

संक्रमित मरीज के डिस्चार्ज होने पर अटेण्डेंट का भी आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाएगा। यह निर्देश जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट में आयोजित चिकित्सा अधिकारियों की बैठक के दौरान दिए।

उन्होंने कहा कि जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोविड 19 संक्रमित एवं आईएलआई, एसएआरआई रोगियों का पता लगाने के लिए एनएनएम, आशा सहयोगिनी एवं बीएलओ के माध्यम से किया जा रहा डोर टू डोर सर्वे कार्य जरूरी है। इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए टीमों की संख्या बढाएं। एक चरण पूरा होने के बाद दूसरा चरण भी तुरन्त प्रारम्भ किया जाना है। आईएलआई का मरीज मिलते ही उसका उपचार तुरन्त प्रारम्भ कर दिया जाए और उसे पूर्व निर्धारित मेडिकल किट प्रदान किया जाए। इसके लिए दवाओं की कोई कमी नहीं है।

नेहरा ने बताया कि यह दल घर-घर सर्वे एवं आवष्यक दवाएं देने के साथ ही प्रोनिंग का प्रशिक्षण भी प्रदान करे। किसी भी व्यक्ति में कोविड 19 संक्रमण, आईएलआई या एसएआरआई के लक्षण दिखाई देने पर ऐसे मरीज को एनएनएम तत्काल दवा देकर निकट के कोविड कन्सल्टेषन एण्ड केयर सेंटर पर जाने के लिए प्रेरित करे।

गंभीर रोगी मिले तो ग्रामीण क्षेत्र में कोविड कन्सल्टेशन एवं केयर सेंटर में एवं शहरी क्षेत्र में निकटस्थ चिकित्सा संस्थान पर उसे भिजवाया जाए। चार से पांच दलों के बीच एक वाहन की व्यवस्था भी रखी जाए जो स्क्रीनिंग के दौरान उपयुक्त पाए गए लोगों को चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाए।

pushpendra shekhawat Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned