पायलट का पहली ही बैठक में मनरेगा पर रहा फोकस, कामगारों की संख्या बढ़ेगी

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By: pushpendra shekhawat

Published: 03 Jan 2019, 07:49 PM IST

सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। यूपीए सरकार में शुरू की गई मनरेगा योजना को भाजपा शासन में खत्म करने को लेकर आरोप लगाते रहे उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को पहली ही बैठक में स्पष्ट कर दिया कि मनरेगा योजना में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को लेकर अधिकारी सर्वे करें। इसके लिए 5 से 20 जनवरी तक विशेष अभियान चलाने के लिए कहा। जिन जिलों में कार्यों पर श्रमिक कम लगे हैं, वहां तत्काल संख्या में बढ़ोतरी की जाए। मनरेगा श्रमिकों के भुगतान में भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

पायलट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग सहित अन्य योजना की सचिवालय में बैठक ली। तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में हर योजना के कार्यों की समीक्षा की गई। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने प्रस्ततिकरण के जरिए योजना के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री पायलट का फोकस मनरेगा योजना पर रहा। उन्होंने जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को 5 से 20 जनवरी तक विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए लाभदायी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर वंचित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर रोजगार मुहैया कराने के लिए कहा।

 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी व विकास अधिकारियों को पंचायतों के दौरे और शिविरों का आयोजन करने के लिए कहा। रोजगार की मांग करने वाले पात्र व्यक्तियों से प्रपत्र-6 भरवा कर, तत्काल रसीद दी जाए, जिससे कि श्रमिकों को 15 दिवस में रोजगार उपलŽध हो सके। इसके लिए मीडिया के जरिए प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा। जिन जिलों में श्रमिकों की संख्या कार्यों पर कम है, उन जिलों की कार्य योजना प्राथमिकता से तैयार करें। मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों के बकाया भुगतान में विलंब बर्दाश्त हो व मनरेगा के निरीक्षण कार्यों में लगे कुशल कामगारों के लिए रोजगार के विकल्प तलाशे। इसके साथ ही सभी लंबित कार्य 31 मार्च तक पूरे करने के लिए कहा।

 

उन्होंने मेवात, डांग एवं मगरा योजनाओं में स्वीकृत कार्यों के संबंध में जिला कलक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगाने एवं प्रगतिरत कार्यों की मॉनिटरिंग करने करने के लिए कहा। स्वीकृत कार्यों के लिए आंवटित राशि का सदुपयोग न होने को गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह को कहा कि वे मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों का दल गठित करें। यह दल प्रदेश के सभी Žलॉकों का दौरा करें, जिला कलक्टर के साथ बैठक करें व मौके पर क्रियान्वयन की स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर संभाग व जिला स्तर पर वे स्वंय भी दौरे करेगें। पायलट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को रूर्बन मिशन एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की स्टेट्स रिपोर्ट तैयार करवाकर भारत सरकार को पत्र लिखने के लिए कहा।

 

इस दौरान जन भागीदारी योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, चौदहवें वित्त आयोग की योजनाएं स्वच्छ भारत मिशन, राजीविका, बॉयोफ्यूल, बंजर भूमि एवं चारागाह विकास, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग आदि योजनाओं की भी समीक्षा की। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह और आयुक्त ईजीएस पी.सी. किशन ने विभाग की योजनाओं को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया।

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