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राज्य सरकार की अर्जी पर केंद्र व वेदांता को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

बाड़मेर तेल क्षेत्र: राजस्थान में हो कच्चे तेल की बिक्री  

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जयपुर

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Anoop Singh

Feb 29, 2020

राज्य सरकार की अर्जी पर केंद्र व वेदांता को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

राज्य सरकार की अर्जी पर केंद्र व वेदांता को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस



नई दिल्ली.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाड़मेर तेल क्षेत्र से जुड़ी राजस्थान सरकार की एक याचिका पर केंद्र सरकार और वेदांता लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। राजस्थान सरकार ने अपनी याचिका में मांग की है कि वेदांता द्वारा बाड़मेर क्षेत्र से उत्खनन किए जाने वाले कच्चे तेल की ब्रिकी राज्य में ही होनी चाहिए। इससे राज्य सरकार को स्थानीय सेल्स टैक्स के रूप में करोड़ों रुपए का राजस्व मिल सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दीपक माहेश्वरी की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल मनीष सिंघवी ने पैरवी की।

राज्य सरकार का तर्क
-बाड़मेर से निकाले जाने वाले कच्चे तेल की ब्रिकी अंतरराज्यीय न होकर अंत:राज्यीय होनी चाहिए।
- एग्रीमेंट और लीज में ये स्पष्ट है कि कच्चे तेल की ब्रिकी राज्य के भीतर ही होनी चाहिए।
- इसके बावजूद केंद्र ने अंतरराज्यीय ब्रिकी की मंजूरी दी है, इससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी 13 जून, 2019 को केंद्र को भेजे पत्र में कहा था कि बाड़मेर से निकाले गए कच्चे तेल की ब्रिकी राजस्थान में ही होनी चाहिए।
- गहलोत ने पत्र में कहा था कि केंद्र सरकार और वेदांता के बीच हुए समझौते के अनुसार राजस्थान डिलीवरी पाइंट है, ऐसे में बिक्री भी राज्य में ही होनी चाहिए।
- 2009 में भी गहलोत ने बतौर मुख्यमंत्री केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार को भी पत्र भेजकर राज्य में ही तेल की बिक्री की मांग की थी।

हाईकोर्ट दे चुका है वेदांता के पक्ष में फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट की एकल एवं खंडपीठ ने पूर्व में कच्चे तेल की अंतरराज्यीय ब्रिकी के लिए वेदांता के पक्ष में फैसला दिया था।