#Sehatsudharosarkar : डिस्पेंसरियां हैं लाचार, कहां जाएं बीमार? क्यों स्वाइन फ्लू और डेंगू के कहर के बावजूद सरकार सुस्त

Vijay ram

Publish: Sep, 17 2017 05:41:51 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India

10 हजार नए पद स्वीकृत करने की आवश्यकता है डॉक्टरों के, प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है मरीजों का दबाव जबकि स्थिति यह है कि स्वीकृत पदों की तुलना में भी 2-3 हजार डॉक्टरों की कमी है

1/5

जयपुर. संसाधनों व स्टाफ की कमी के कारण प्रदेश में करीब 3 हजार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुद ही बीमार हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और अन्य मदों में हर साल करीब 2 हजार करोड़ के खर्च वाले स्वास्थ्य विभाग के इन अस्पतालों की जमीनी हकीकत मरीजों को राहत देने की बजाय पीड़ा बढ़ा ही रही है। Patrika.com ने अपने अभियान #Sehatsudharosarkar के तहत पड़ताल की तो स्वाइन फ्लू, डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के कहर के बावजूद चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग बेफिक्र ही नजर आया। अस्पतालों में कहीं जांच के साधन नहीं हैं, कहीं दवाओं का टोटा है और कहीं नर्सिंग व अन्य स्टाफ नहीं है लेकिन इन्तजाम करने पर विभाग का ध्यान नहीं है। Next स्लाइड्स में देखें...

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned