दादा की बेइज्जती का बदला लेने के लिए मार दी गोली

दादा की बेइज्जती (Dada's disrespect) से विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक इतना आहत हुआ की उसने आरोपी की हत्या करने की ठान ली। इसके लिए करीब 10 महीने इंतजार किया और करीब दो महीने पहले दादा का निधन होने के बाद बेइज्जती करने वाले की गोली मारकर हत्या (Shot dead) कर दी। बालक का कोई अपराधिक रिकॉर्ड (Criminal record) नहीं है।

By: vinod

Published: 08 Sep 2020, 09:58 PM IST

ब्यावर (अजमेर)। अपने दादा की बेइज्जती (Dada's disrespect) से विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक इतना आहत हुआ की उसने आरोपी की हत्या करने की ठान ली। इसके लिए उसने करीब 10 महीने इंतजार किया और करीब दो महीने पहले दादा का निधन हो जाने के बाद उनकी बेइज्जती करने वाले की गोली मारकर हत्या (Shot dead) कर दी। आरोपी विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक का कोई अपराधिक रिकॉर्ड (Criminal record) पुलिस को नहीं मिला है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि तीन दिन पूर्व अंधेरी देवरी स्थित श्री सीमेंट के गेट के पास पुखराज उर्फ क्वालिस की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की संदिग्धों से पूछताछ में सामने आया कि विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने विधि विरुद्ध संघर्षरत बालकों को निरुद्ध कर पूछताछ की तो उन्होंने वारदात करना कबूल कर लिया।
एेसे हुआ खुलासा
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि मृतक पुखराज उर्फ क्वालिस ने सोशल साइट पर ग्रुप बना रखे थे। इसमें वीडियो पोस्ट करता था। उसका कुछ समय पूर्व सुनील उर्फ मुस्सा, गब्बर, राहुल सिंह से झगड़ा हुआ। दोनों एक-दूसरे के विरुद्ध धमकी भरे वीडियो पोस्ट करते थे। हत्या की वारदात के बाद पोखर उर्फ गब्बर, राहुलसिंह के अपने निवास से गायब होने पर तलाश की गई। पड़ताल में नरेन्द्र उर्फ रावणराज से पुखराज की दुश्मनी की जानकारी मिली। उसने पूछताछ में एक किशोर द्वारा गोली मारकर पुखराज की हत्या करने की जानकारी र्दी। पुलिस ने दोनों किशोरों से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना कबूल कर लिया।
इसलिए की हत्या
पूछताछ में विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक ने बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो जाने से दादा ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे। करीब १० माह पहले पुखराज ने अंधेरी देवरी में बाइक रुकवाकर उसके दादा के साथ मारपीट की। इस पर उसने पुखराज की हत्या करने की ठान ली। करीब दो माह पहले उसके दादाजी की मृत्यु हो गई। इसके बाद उसने पुखराज को ढूंढऩे के प्रयास तेज कर दिए।
उसने बताया कि 5 सितंबर को वह साथी बालक को घूमने चलने की बात कहकर मसूदा रोड की तरफ गया। इस दौरान पुखराज नहीं मिला। लौटते समय श्री सीमेंट गेट के पास पुखराज ने फोन पर बात करते हुए आवाज दी। उन्होंने बाइक घुमाकर पुखराज के पास आकर बालक ने पुखराज के सीने में गोली मार दी। इससे वह गिर गया। बालक ने पिस्टल में लोड सारी गोलियां पुखराज पर चला दी और अपने घर चले गए।
दस माह पहले खरीदी थी पिस्टल
विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त पिस्टल दस माह पहले हितेश व आयुष नाम के युवक से खरीदी थी। दोनों की ही कुछ समय पूर्व दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

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