
जयपुर।
सीआई मुकेश कानूनगो व कांस्टेबल रामप्रकाश के हत्यारों की लोकेशन शेखावाटी में ही ट्रेक होने के बाद पुलिस को कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। जिससे मामले में कुछ बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जयपुर रेंज के करीब सौ पुलिसकर्मी इन बदमाशों की तलाश में जुटे हुए हैं। पुलिसकर्मियों की लगभग 20 टीमों को अलग-अलग टारगेट दिए गए हैं।
पुलिस ने किए हैं ये पुख्ता इंतजाम
पुलिस अफसरों का मानना है कि अजय चौधरी और उसकी गैंग मोबाइल नंबर से बात करने की जगह वीडियो कॉलिंग कर रही है ताकि पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सके। मंगलवार शाम पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली पुलिस ने रात ग्यारह बजे से सीकर, चूरू और झुंझुनूं में नेट बंद कर दिया। अचानक इस नेटबंदी से लोग परेशान हो गए।
नेट कब तक बंद रखा जाएगा इस बारे में पुलिस अफसरों ने जानकारी नहीं दी। नेट बंद होने के बाद गैंग के सदस्य वॉट्सएप कॉलिंग, मैसेजिंग, वीडियो कॉलिंग व इमो के जरिए एक दूसरे से बात नहीं कर सकेंगे।
कांस्टेबल से सौतेले व्यवहार की चर्चा
इस बीच कांस्टेबल रामप्रकाश की शहादत को लेकर सौतेले व्यवहार का मामला सामने आया है। हैरानी की बात ये है कि विभाग के अफसर ही ऐसा बर्ताव करते दिख रहे हैं। दोनों पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद सीआई मुकेश कानूनगो के परिवार को तो कई रेंजों के पुलिसकर्मी अपना वेतन देने की तैयारी कर रहे हैं। शोक सभाओं में भी सीआई काननूगो को ही याद किया जा रहा है लेकिन कांस्टेबल के बारे में चर्चा नहीं हो रही है। इसे देखते हुए पुलिस बेड़े का एक बड़ा धड़ा नाखुश है। अफसर भी इस बारे में फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
Updated on:
11 Oct 2018 11:28 am
Published on:
11 Oct 2018 11:27 am
