दुर्लभ सर्जरी से मरीज को मिली दर्द से निजात

10-20 डिग्री पैर मुड़ते ही हो रहा था री-करंट पटेलर डिस्लोकेशन

By: Tasneem Khan

Published: 09 Jul 2021, 08:31 PM IST

Jaipur घुटनों में जन्मजात विकृति और ऊपर से लगी एक चोट 23 साल के राकेश के लिए अभिशाप बन गई थी। चोट लगने के बाद जैसे ही अपना बांया घुटने को 10 से 20 डिग्री भी मोड़ता तो उसके घुटने की कटोरी (पटेला) अपनी जगह से खिसक जाती जिससे उसे असहनीय दर्द सहना पड़ रहा था। लेकिन शहर के डॉक्टर्स ने दुनिया में बहुत कम की जाने वाली दुर्लभ सर्जरी कर उसकी तकलीफ खत्म करने का जोखिम उठाया और सफल भी रहे।
ऑर्थ्रोस्कोपी सर्जन डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि इस समस्या को ट्रॉक्लियर डिस्प्लासिया कहते हैं। 2015 में खेलते वक्त उसके बाएं घुटने में चोट लग गई जिससे घुटने के आसपास के लिगामेंट फट गए थे। ऐसे में बांया घुटना पूरी तरह से असंतुलित हो गया था और चलते वक्त भी उसका जोड़ 10 से 20 डिग्री ज्यादा मुड़ने पर घुटने की कटोरी उतर जाती थी जिससे उसे असहनीय दर्द होता था। इस कारण वह सामान्य रूप से चलने और बैठने में असमर्थ था। लंबे समय तक यह दर्द झेलने के बाद उसने यहां शैल्बी हॉस्पिटल में दिखाया और जांच में यह समस्या सामने आई।

चार छेद कर घुटना ठीक किया

इस समस्या को डॉक्टर्स ने ऑर्थ्रोस्कोपी (दूरबीन) सर्जरी कर ठीक करने का निर्णय लिया। इसके लिए ऑर्थ्रोस्कोपिक ट्रॉक्लियोप्लास्टी की जानी थी। चार घंटे तक चली इस सर्जरी में कुछ छेद करके पहले नी-कैप को सही स्थिति में लाया गया और उसके बाद आस-पास के फटे लिगामेंट को रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी कर ठीक किया गया। ऑर्थ्रोस्कोपी सर्जरी के कारण उसकी रिकवरी तेज हुई और सर्जरी के अगले ही दिन उसे चलाया गया व अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। कुछ समय तक मरीज की फीजियोथेरेपी होने के बाद वह आराम से चल-फिर सकेगा और भविष्य में खेल-कूद भी सकेगा।

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