scriptThe work was done in the dark on the first day | पहले दिन अंधेरे में किया काम... दूसरे दिन लगा सुराग तो फिर सोई नहीं पुलिस : जोसफ | Patrika News

पहले दिन अंधेरे में किया काम... दूसरे दिन लगा सुराग तो फिर सोई नहीं पुलिस : जोसफ

locationजयपुरPublished: Dec 11, 2023 06:36:32 pm

Submitted by:

GAURAV JAIN

बोले- गर्व है पुलिस टीम पर

पहले दिन अंधेरे में किया काम... दूसरे दिन लगा सुराग तो फिर सोई नहीं पुलिस : जोसफ
पहले दिन अंधेरे में किया काम... दूसरे दिन लगा सुराग तो फिर सोई नहीं पुलिस : जोसफ

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के दोनों शूटर्स व उनके सहयोगी को पकड़ने के बाद रविवार को जयपुर लाया गया। उसके बाद पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें बताया कि घटना के पहले दिन पुलिस टीम अंधेरे में काम कर रही थी। दूसरे दिन शूटरों के संबंध में अहम सुराग हाथ लगे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई व एडिशनल डीसीपी रामसिंह शेखावत के दिशा निर्देश में तीन निरीक्षकों के नेतृत्व में शूटरों का पीछा करने वाली टीम व अधिकारी गत पांच दिन में मात्र कुछ घंटे भी नहीं सोए। इन सभी पुलिसकर्मियों पर गर्व है। प्रेस वार्ता में एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. भी मौजूद रहे।

मनाली से गोवा फिर पुणे जाने का था प्लान

एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. ने बताया कि गोगामेड़ी की हत्या करने वाले आरोपी रोहित राठौड़, नितिन फौजी और उधम सिंह मनाली से गोवा जाने वाले थे। इससे पहले कि वह गोवा पहुंच पाते पुलिस ने उनका पूरा प्लान फेल कर दिया। रोहित राठौड़, नितिन फौजी और उधम सिंह मनाली में खुद को ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे थे। यही वजह थी कि वह पहले मनाली इसके बाद मंडी पहुंचे। यहां दो दिन रुकने के बाद वह चंडीगढ़ पहुंच गए।


चाचा के लड़के से फोन करके पूछा पुलिस तो नहीं आई

शूटर्स रोहित सिंह राठौड़ और नितिन फौजी के साथी उधम सिंह ने चाचा के लड़के को फोन कर पूछा कि पुलिस तो नहीं आई। इतना पूछने के बाद उसने फोन रख दिया। पुलिस ने उधम सिंह की लोकेशन ट्रेस की तो वह मनाली की आई। पुलिस टीम मनाली पहुंची तो आरोपी टैक्सी करके चंडीगढ़ पहुंच गए। पुलिस टीम फिर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई और वहां एक होटल में ठहरे तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इसमें दिल्ली पुलिस ने भी सहयोग किया।


पुलिस के आगे किया सरेंडर

होटल में पकड़ने के दौरान रोहित, नितिन और उधम सिंह ने पुलिस कार्रवाई का विरोध नहीं किया। उनके पास हथियार भी नहीं थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने हथियार जयपुर में ही कहीं छिपा दिए थे।

इनकी भी रही भूमिका

आरोपियों को पकड़ने में जेडीए के पुलिस निरीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह, सुनील जांगिड़ और सीएसटी आयुक्तालय जयपुर के मनीष शर्मा, पुलिस निरीक्षक स्पेशल सेल दिल्ली पुलिस राकेश कुमार और कांस्टेबल महेश की भूमिका रही।

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