‘बिजली बम‘ की जांच अब एमएनआईटी को, शाहपुरा के खातोलाई में लील चुका है 20 लोगों की जान

dinesh saini

Publish: Nov, 15 2017 12:58:45 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
‘बिजली बम‘ की जांच अब एमएनआईटी को, शाहपुरा के खातोलाई में लील चुका है 20 लोगों की जान

डिस्कॉम ने ब्लास्ट को माना है रेयर आफ द रेयरेस्ट मामला...

जयपुर। शाहपुरा के खातोलाई गांव में गत 31 अक्टूबर को हुए टांसफार्मर ब्लास्ट में 19 लोगों की मौत होने के बाद जयपुर डिस्कॉम ने ट्रांसपफार्मर ब्लास्ट की घटना को डिस्कॉम के इतिहास में रेयर आफ रेयरेस्ट घटना माना है। लिहाजा ब्लास्ट किस कारण से हुआ इसकी जांच का जिम्मा डिस्कॉम प्रशासन ने एमएनआईटी को दिया है। एमएनआईटी के इंजीनियर जल्द ही ट्रांसफार्मर ब्लास्ट की जांच कर ब्लास्ट के तक नीकी कारणों का खुलासा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि जांच एमएनआईटी के चार वरिष्ठ इंजीनियर करेंगे।

 

शाहपुरा हुए ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में अब तक 20 लोगों की मौत

जयपुर डिस्कॉम प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शाहपुरा के खातोलाई में हुए ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। डिस्कॉम के इंजीनियरों को भी प्रारंभिक जांच में ब्लास्ट के कारणों का ज्यादा पता नहीं चला। चूंकि ब्लास्ट में मौतें ज्यादा हो गई थी और मामला उच्च स्तर पर गंभीर हो गया था तो डिस्कॉम प्रशासन ने इस ब्लास्ट की जांच का जिम्मा एमएनआईटी को दिया।

 

डिस्कॉम प्रशासन का कहना है कि एमएनआईटी के इंजीनियरों की टीम ब्लास्ट के सभी कारणों की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट डिस्कॉम को देगी। वैसे जयपुर डिस्कॉम के एमडी आरजी गुप्ता समेत सभी इंजीनियरों का कहना है कि ट्रांसफार्मर में ऐसा ब्लास्ट डिस्कॉम के इतिहास में कभी नहीं हुआ लिहाजा इसके तकनीकी कारणों की जांच होना बेहद जरूरी है।

 

एफएसएल ने भी जुटाए थे सबूत
वहीं ट्रांसफार्मर बलास्ट की घटना के बाद एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंच कर ब्लास्ट के सबूत जुटाए थे। एफएसएल की जांच में खुलासा हुआ है कि ट्रांसफार्मर लो फ्यूज बम था। ट्रांसफार्मर को इंस्टॉल करने से पहले चार्ज नहीं किया गया था और न ही उसकी टेस्टिंग की गई थी। इससे ट्रांसफार्मर लगाने के कुछ घंटे के बाद ही फट गया। एफएसएल टीम की जांच में अन्य कई तकनीकी कारणों का खुलासा हुआ है।

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