अभियंताओं की बढ़ेगी वित्तीय शक्तियां

प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के कार्यों को वर्ष 2024 तक पूरा करने को लेकर जलदाय विभाग अपने अभियंताओं की वित्तीय शक्तियां (Engineers Financial Powers) बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके पीछे परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा करने का तर्क दिया जा रहा है। जलदाय विभाग (Water supply department) के एसीएस सुधांश पंत ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता और मुख्य अभियंताओं की वित्तीय शक्तियों की समीक्षा की जाएगी।

By: Girraj Sharma

Published: 19 Jun 2021, 06:17 PM IST

अभियंताओं की बढ़ेगी वित्तीय शक्तियां
— जल जीवन मिशन
— परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा करने की कवायद
— एसीएस ने दिए बकाया कार्यादेश जल्द जारी करने के निर्देश

जयपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के कार्यों को वर्ष 2024 तक पूरा करने को लेकर जलदाय विभाग अपने अभियंताओं की वित्तीय शक्तियां (Engineers Financial Powers) बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके पीछे परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा करने का तर्क दिया जा रहा है। इसे लेकर जलदाय विभाग (Water supply department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता और मुख्य अभियंताओं की वित्तीय शक्तियों की समीक्षा की जाएगी। अभी 2.5 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के प्रोजेक्ट मुख्य अभियंता तथा 5 करोड़ रुपए से ऊपर की लागत के प्रोजेक्ट वित्त समिति के माध्यम से मंजूर किए जाते हैं।

एसीएस सुधांश पंत ने शनिवार को वीडियों कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से प्रदेश में जेजेएम की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान विभाग की तकनीकी समिति के स्तर पर केवल जेजेएम के परिप्रेक्ष्य में अभियंताओं की वित्तीय शक्तियों में संशोधन पर विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेजेएम समयबद्ध और मिशन मोड कार्यक्रम है, ऐसे में इसके तहत सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन में पूरा करने की दृष्टि से विभागीय स्तर पर सहमति बनने के बाद इसे वित्त विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जा सकता है। पंत ने वीसी में जेजेएम की परियोजनाओं में गति लाने के लिए अन्य कार्यों एवं प्रक्रियाओं के सरलीकरण और विकेन्द्रीकरण पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के लिए तकनीकी स्वीकृतियां एवं निविदाएं जारी हो गई है, उनके शेष कार्यादेश जारी करने का काम भी जल्द पूरा करें, जिससे किसी भी परियोजना का कार्य जेजेएम की पूर्णता की अंतिम तिथि से आगे नहीं जाए। एसीएस ने इस माह के अंत में प्रस्तावित राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की बैठक से सभी जिलों में शेष बचे गांवों के प्रस्ताव तैयार कर आगामी दो दिनों में मंजूरी के लिए भेजने के निर्देश दिए।

Girraj Sharma Desk
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