JAISALMER DESERT FESTIVAL- सरहद पर लाणेला के मैदान में 75 घोड़ों ने दिखाई अश्व ताकत, रोमांचित हो गए सैलानी

By: jitendra changani

Published: 01 Feb 2018, 12:54 PM IST

Jaisalmer, Rajasthan, India

Rajasthan patrika

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मरु महोत्सव के तीसरे दिन पहली बार घुडदौड प्रतियोगिता का आयोजन

75 घोड़े लाणेला के रण में दौड़े
जैसलमेर . जग विख्यात मरु महोत्सव - 2018 के कार्यक्रमों की कड़ी में तीसरे दिन बुधवार को पहली बार मरू मेले में नवाचार के रूप में चालू की गई घुडदौड आयोजित हुई। लक्ष्मीनाथ घुडदौड़ संस्था के भवानीसिंह भाटी पूनमनगर एवं उनकी टीम की ओर से लाणेला के रण में घुड़दौड़ का आयोजन किया गया। 75 से अधिक घोडे इसमें शामिल हुए, जिसमें से 34 घुडदौड प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसमें घोडों की बडी चाल रेवाल रेस, छोटी चाल रेवाल रेस, मादरी चाल रेस व गेलप रेस का आयोजन हुआ। बड़ी चाल रेवाल प्रतियोगिता में 7 संभागियों ने भाग लिया। यह घुडदौड़ 3 कि.मी. की थी। इस तेज गति की बडी चाल रेवाल घुडदौड प्रतियोगिता में सूरत के सिराजखां पठान का ताकी घोडा जिसका सवार काला फरमानस (कालू) रोहतक हरियाणा सबसे तेज गति से दौड़ता हुआ पहले पहुंचा। एवं प्रथम स्थान अर्जित किया। कालू भाई ने इस घोडे पर खडे होकर दौड़ लगाई, जिससे सभी दर्शक अचंभ्भित रह गए। दूसरे स्थान पर सूरत के ही इस्माईल भाई के घोड़े ने एवं तीसरे स्थान पर लाकडिय़ा गुजरात के फतेह मोहम्मद रहे। ताकी घोडा भारत में घुडदौड प्रतियोगिता में हाल ही में प्रथम रहा था।
छोटी चाल में ईस्माईल खां का घोड़ा प्रथम
छोटी चाल रेवाल रेस भी आकर्षण का केन्द्र रही, यह रेस भी 3 कि.मी. की थी, जिसमें सूरत के इस्माईलखां का घोड़ा प्रथम स्थान पर रहा। असरफ खां गांगड का घोड़ा द्वितीय एवं मदारसिंह जाडेजा लाकडिया का घोड़ा तृतीय स्थान पर रहा।
मादरी चाल में खंगारखां का घोडा रहा प्रथम
इस घुड़दौड़ प्रतियोगिता में आयोजित हुई मादरी चाल रेस में गागरिया बाड़मेर के 75 वर्षीय खंगारखां का घोडा प्रथम स्थान पर रहा, वहीं अली दरस का घोड़ा द्वितीय व हनीफ खां का घोडा तृतीय स्थान पर रहा। गेलप चाल घुड रेस में सूरत के अब्दुला का घोड़ा प्रथम स्थान पर रहा, वहीं भवानीसिंह भाटी पूनमनगर का घोडा द्वितीय तथा सांगसिंह बारू का घोडा तृतीय स्थान पर रहा। यह घुडदौड़ भी 3 कि.मी. की थी। प्रतियोगिता के निर्णायक अली खां दबडी, मनोहरंिसह जोधा, जानबखां सम, गणपतसिंह दुजोडा, दानसिंह चौहान आकल, दर फकीर शेरू मोहम्मद थे, वहीं समाजसेवी सुजानसिंह हड्डा, कंवराजसिंह व हाजी दीनेखां ने घोडो के पहुंच पर निर्णायक की भूमिका निभाई। घुडदौड के आयोजन में भवानीसिंह भाटी हाबुर, प्रेमसिंह सिपला, मनोहरसिंह जोधा, रावसिंह चौहान, मनीष रामदेव, गणपतसिंह, नारायणसिंह भियंा, हाजी जानबखां सम, मेणू रउकापार ने सराहनीय भूमिका निभाई। जिला कलक्टर कैलाश चन्द मीना, पुलिस अधीक्षक गौरव यादव, समाजसेवी जुगलकिशोर व्यास के आतिथ्य में आयोजित हुई।
शौकत की घोडी ने किया नृत्य
इस दौरान बाडमेर गुडीसर के शौकत अली की घोड़ी पायल ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को अंचभित सा कर दिया एवं उनका मन मोह लिया, यहीं नहीं इस घोडी ने मुख्य अतिथि को 2 पैरों पर खड़े होकर सलामी भी दी। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी विजय बल्लाणी ने किया, वहीं उनका साथ ईश्वरसिंह रतनू ने घोडों की चाल एवं उनकी विशेषताओं के बारे में दर्षकों को अवगत कराया।

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