जैसलमेर जिले में औसत से 8 एमएम अधिक बारिश,कई क्षेत्र प्यासे

जैसलमेर जिले में औसत से 8 एमएम अधिक बारिश,कई क्षेत्र प्यासे
जैसलमेर जिले में औसत से 8 एमएम अधिक बारिश,कई क्षेत्र प्यासे

Deepak Vyas | Updated: 18 Sep 2019, 10:41:17 AM (IST) Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

जैसलमेर. जिले में चालू वर्ष 2019 में अब तक बारिश ने औसत का आंकड़ा पार कर लिया है। जिले में वर्षा का वार्षिक आंकड़ा 165 मिलीमीटर है, जबकि पिछली 9 सितम्बर को जिले में 173.1 एमएम बारिश हो चुकी है। इस साल 31 जुलाई तक बारिश ने 100 एमएम का आंकड़ा भी नहीं छुआ था, लेकिन फिर अगस्त माह में जिले के अधिकांश हिस्सों में मेघ मेहरबान हुए तथा बारिश ने औसत का आंकड़ा पार कर लिया। जबकि अभी तक इस साल के करीब साढ़े तीन माह शेष है।

जैसलमेर. जिले में चालू वर्ष 2019 में अब तक बारिश ने औसत का आंकड़ा पार कर लिया है। जिले में वर्षा का वार्षिक आंकड़ा 165 मिलीमीटर है, जबकि पिछली 9 सितम्बर को जिले में 173.1 एमएम बारिश हो चुकी है। इस साल 31 जुलाई तक बारिश ने 100 एमएम का आंकड़ा भी नहीं छुआ था, लेकिन फिर अगस्त माह में जिले के अधिकांश हिस्सों में मेघ मेहरबान हुए तथा बारिश ने औसत का आंकड़ा पार कर लिया। जबकि अभी तक इस साल के करीब साढ़े तीन माह शेष है।
जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले में आधा दर्जन रेनगेज स्टेशन बनाए हुए हैं। जिनमें जैसलमेर स्टेशन पर 9 सितम्बर तक सबसे ज्यादा 253 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। ऐसे ही नोख में 223, पोकरण में 218, रामगढ़ में 138, फतेहगढ़ में 136 और सबसे कम सम स्टेशन पर महज 71 एमएम बारिश ही दर्ज हुई है। जिले भर में कुल 1039 एमएम बरसात हुई है। जबकि 1 जून से माने जाने वाले मानसून काल में जिले में अब तक 139.8 एमएम बरसात हुई है। इस अवधि में जैसलमेर स्टेशन पर 210, रामगढ़ में 101, सम में 43, फतेहगढ़ में 104, पोकरण में 154 तथा नोख में 223 एमएम वर्षा हुई है। इसका औसत 139.8 एमएम है।
अकाल का साया टला
औसत वर्षा का आंकड़ा पार कर जाने से जिले पर एक बार फिर मंडरा रहा अकाल का साया टल गया है। जानकारी के अनुसार जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गंवाऊ नाडियों और तालाबों में बरसाती पानी की अच्छी आवक हुई है वहीं कई इलाके अब भी कुदरत के इस उपहार से अछूते बने हुए हैं। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ नहरी इलाको में अच्छी बारिश होने से वहां पशुधन के लिए चारे-पानी का बेहतरीन बंदोबस्त हो चुका है। जिससे पशुपालकों को राहत मिली है। ऐसे ही शासन-प्रशासन को भी अकाल राहत कार्य चलाने से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। गत दिनों जैसलमेर दौरे पर आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जैसलमेर-बाड़मेर जिलों में अगस्त माह में अच्छी बारिश पर संतोष जताया था।

देरी से हुई बारिश के कारण, 77 फीसदी ही बुवाई
जिले में औसत बारिश का आंकड़ा भले ही पार हो गया हो, लेकिन जिस समय आसमान से नेमत बरसने का सबसे ज्यादा इंतजार किसानों को था, उस समय उन्हें यह सौगात नहीं मिली। यही कारण है कि सीमावर्ती जैसलमेर जिले में इस बार खरीफ 2019 के तहत बुवाई का 77 फीसदी लक्ष्य ही हासिल हो पाया। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अनाज और अन्य खाद्यान्न की बुवाई तो क्रमश: 61.65 और 70.90 फीसद ही हो पाई है। उपनिदेशक कृषि विस्तार राधेश्याम नारवाल के अनुसार खरीफ के लिए विभाग ने 5.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसकी तुलना में इस बार अंतिम तौर पर 4.60 लाख हेक्टेयर हेक्टेयर में बुवाई की गई। जबकि गत खरीफ सीजन में लक्ष्य से ज्यादा 7 लाख हेक्टेयर में बुवाई किसानों ने की थी।
प्रमुख फसलों की बुवाई (हेक्टेयर में)
फसल लक्ष्य प्राप्ति प्रतिशत
ग्वार 400000, 311235, 77.81
बाजरा 115000, 70500, 61.30
मूंग 44000, 40500, 92.05
मूंगफली 20000, 21150, 105.75
मोठ 5000, 5150, 103.00
तिल 5000, 4550, 91.00

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