JAISALMER NEWS- केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री की यह चालाकी समझ गए सभी और हां में हां मिलाकर बैठक की कर दी...

-केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने विजन-2022 की बैठक में अधिकारियों को दी सीख -वास्तविक आंकड़ों को आधार बनाकर विकास के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्दे

By: jitendra changani

Published: 16 Jan 2018, 10:42 AM IST


जैसलमेर. केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री की सरहदी जैसलमेर जिले में कृषि विकास के लिए दी गई नसीहत किसी के काम नहीं आई। सभी ने उनके इस सुझाव को सुना और उनकी इसके लिए प्रसंशा भी कि, लेकिन कोई भी अधिकारी सचाई बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। हालांकि कमियों को उजागर करने के लिए मंत्री गजेन्द्रसिंह सिंह शेखावत ने कमियां ढूंढऩे का एक पासा फैंका था, जिसे जिम्मेदारों को समझने में देर नहीं लगी और उनकों उन्हीं के पास में उलझाकर बैठक को बातों ही बातों में इतिश्री कर अपने दामन को साफ रख दिया।
‘कमियां मत छिपाओ, सुधार करना है तो सच-सच बताओ’
जैसलमेर. कमियों को छुपाने की जरूरत नहीं है, जो वास्तविकता है, वह सामने लाएं ताकि जिले के भावी विकास की संकल्पना को पूरा किया जा सके। यह सीख केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण राज्यमंत्री तथा विजन 2022 के जिला प्रभारी मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिले के विभागीय अधिकारियों को दी। उन्होंने बैठक के अवसर पर अधिकारियों के पुराने आंकड़े पेश करने पर उनकी खिंचाई की और कहा कि वे अपडेट सूचनाएं तैयार करें क्योंकि इन्हीं के आधार पर विजन 2022 के तहत जैसलमेर जिले का विकास करवाया जाना है।जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी।
रेवेन्यू बोर्ड इंग्लैंड में है क्या
बैठक में शेखावत ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले के किसानों को मिले क्लेम के बारे में जब कृषि विभाग के अधिकारी से सवाल किया तो सांख्यिकी विभाग के अधिकारी ने उनसे कहा कि, क्लेम के बारे में फैसला रेवेन्यू बोर्ड करता है। इस पर शेखावत ने तल्ख अंदाज में पूछा कि, क्या रेवेन्यू बोर्ड इंग्लैंड में है? उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, किसानों को क्लेम का निर्धारण वे जमीनी हकीकत के आधार पर करें। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने भी किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पर रोष जताया।

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धरातल पर काम करवाना लक्ष्य
केन्द्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे आंकड़ों से ऊपर उठ कर धरातल पर विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार से विकास किया जाए, इस हिसाब से रोडमैप एवं कार्य योजना तैयार करें। शेखावत ने बैठक में बताया कि नीति आयोग की ओर से स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, आधारभूत संरचना के संबंध में जो अंक निर्धारित किए गए है उसी पैरामीटर अनुरूप इन क्षेत्रों में विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना को तैयार करें।
निष्पक्ष सर्वे करवाएं
शेखावत ने जिला कलक्टर से कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थितियों का पता लगाने के लिए थर्ड पार्टी सर्वे करवाया जाए और उनसे विशेष तौर पर कहा जाए कि, वे अपना काम ईमानदारी से करें।विभागीय अधिकारियों से पूछकर ही रिपोर्ट नहीं बनाएं।मंत्री ने कहा कि, थर्ड पार्टी के सर्वे को भी जिला प्रशासन क्रॉस चैक करवाए। शेखावत ने पेयजल के संबंध में नीति आयोग द्वारा जो इन्डीगेटर निर्धारित किया गया है उसी अनुरूप पेयजल आपूर्ति का पूरा रोडमैप एक माह में तैयार कराने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री सडक योजना में भी जिले में जनसंख्या के मापदण्ड में रियायत के प्रस्ताव भेजने की भी बात कही।
पांच इंडीगेटर तय किए
संयुक्त सचिव एवं विजन-2022 के जिला प्रभारी सुधांश पंत ने बताया कि जिलों के विकास के लिए 5 इन्डीगेटर स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, आधारभूत संरचना के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन विभिन्न क्षेत्रों में 31 मार्च तक वास्तविक कार्य योजना को तैयार करें एवं इन क्षेत्रों में किस प्रकार से विकास किया जा सकें उन सभी तथ्यों एवं समस्याओं को भी इसमें सम्मिलित करें। विजन-2022 के तहत 1 अप्रैल से प्रभावी मॉनेटरिंग शुरू हो जाएगी एवं हर दिन पोर्टल पर इसकी ऑनलाईन रेटिंग की भी समीक्षा होगी। जिला कलक्टर कैलाशचन्द मीना ने विजन-2022 के संबंध में तैयार की गई कार्य योजना की जानकारी दी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव ने विजन-2022 के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट को पेश किया।

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jitendra changani Desk/Reporting
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