
जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर नहीं है यह व्यवस्था, फिर कैसे हो निगरानी?
जैसलमेर. न तो जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और न ही कैमरों को स्थानीय आरपीएफ व जीआरपीएफ की चौकी से जोडऩे के साथ ही जोधपुर, जयपुर व दिल्ली के रेलवे प्रोडक्शन फोर्स के मुख्यालयों से जोडऩे की कवायद पूरी हो पाई है। जैसलमेर रेलवे स्टेशन व आस-पास के क्षेत्रों को सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखने के पुख्ता प्रबंध अभी तक देखने को नहीं मिल रहे हैं। फिलहाल यहां दो कैमरों से प्लेटफार्म के दोनों छोर को, एक कैमरा प्लेटफार्म के मुख्य गेट पर और एक कैमरा टिकिट खिडक़ी पर लगा है। इसके साथ ही यहा न तो आने जाने वाले लोगों को मेटल डिटेक्टर से गुजारने की व्यवस्था है और न ही अनजान लोगों को रेलवे प्लेट फार्म पर आवाजाही करने की। हकीकत यह है कि समूचे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के साथ पूरे परिसर पर तीसरी आंख से हर हरकत पर नजर रखने के लिए जो दो दर्जन कैमरे लगाए जाने के दावे स्थानीय रेलवे प्रशासन की ओर से किए जा रहे थे, वे अभी नहीं लग पाए हैं। दावा यह किया जा रहा था कि रेलवे स्टेशन पर ऑनलाइन प्रणाली होने से यहां की हरकत को दिल्ली, जयपुर व जोधपुर में बैठे अधिकारी भी देख सकेंगे, लेकिन अभी ऐसा संभव होता दिखाई नहीं दे रहा है।
जासूसी प्रकरण के बाद सतर्कता
दो वर्ष पहले जनवरी माह में जैसलमेर रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी के बाद सुरक्षा विभाग ने जैसलमेर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा कड़ी करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से कवर करने का प्रस्ताव मांगा था।
-विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को अपर्याप्त मानने के बाद जैसलमेर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए 24 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया।
-हकीकत यह है कि अभी तक समूचे रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने की कवायद नहीं हुई है।
फैक्ट फाइल
-5 हजार के करीब यात्री हर दिन जैसलमेर रेलवे स्टेशन से करते हैं आवाजाही
- 18 ट्रेनों की जैसलमेर रेलवे स्टेशन से हर दिन की जाती है आवाजाही
- 50 हजार से अधिक सैलानी हर वर्ष आते हैं रेल से जैसलमेर भ्रमण को
Published on:
28 Aug 2018 11:36 am
