सत्ता और संगठन में भागीदारी की और तेज हुई मारामारी

-जिला कांग्रेस में टकराव कम होने की बजाए और बढ़ा
-दोनों खेमों की अपनी.अपनी पसंदीदा सूचियां

By: Deepak Vyas

Published: 09 Jun 2021, 10:19 AM IST

जैसलमेर. सीमांत जैसलमेर जिले में सत्ताधारी कांग्रेस में खेमेबाजी खत्म होने की बजाए और बढ़ी है। कोरोना काल में जब सब कुछ थम गया, उस दौरान भी जिला कांग्रेस में आगामी समय में सत्ता व संगठन में अपने-अपने चहेतों की ताजपोशी को लेकर मंत्री शाले मोहम्मद और विधायक रूपाराम धणदे की अगुआई वाले खेमे खुलकर जोर-आजमाइश में जुटे हैं। सबसे ज्यादा मारामारी आगामी जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद तथा जिलास्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर है। जैसलमेर व पोकरण विधायक ने अपने-अपने चहेतों को आगे बढ़ाने के लिए सूचियां सरकार व संगठन के शीर्ष स्तर पर सौंपी हुई है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री, प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी तथा पीसीसी अध्यक्ष को करना है।
इस महीने नियुक्तियां होने के आसार बढ़े
सत्ता व संगठन में नियुक्तियों का इंतजार लगातार लम्बा होता गया है। पूर्व में कभी विधानसभा सत्र तो कभी उपचुनाव को लेकर इन्हें टाला गया। बीच में कोरोना की दूसरी लहर का तूफान आ गया। अब कोरोना के उतार पर आ जाने और प्रदेश से लेकर जिला स्तर पर कांग्रेस में नेता व कार्यकर्ताओं के अधीर हो जाने से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि चालू जून माह में जिला व ब्लॉक स्तर की नियुक्तियों का ज्यादातर काम निपटा लिया जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस में इस समय केवल प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों का ही चयन किया गया है। जिला व ब्लॉक स्तर पर पार्टी का संगठन वेटिंग मोड पर है।
यहां सबकी निगाहें
अन्य जगहों की भांति जैसलमेर जिले में भी सबसे ज्यादा इंतजार आगामी कांग्रेस जिलाध्यक्ष और ब्लॉक पदाधिकारियों तथा यूआइटी अध्यक्ष, बीस सूत्री कार्यक्रम उपाध्यक्ष, नगरीय निकायों में नए सहवृत्त सदस्यों, जिला व उपखंड स्तर पर सरकारी समितियों में मनोनयन पर सबकी निगाहें हैं। जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में जिला परिषद सदस्य अब्दुल्ला फकीर और अंजना मेघवाल, वरिष्ठ नेता मुल्तानाराम बारूपाल, उम्मेदसिंह तंवर, मूलाराम चौधरी, निवर्तमान अध्यक्ष गोविंद भार्गव, पंचायत समिति सदस्य जानब खां, मुराद फकीर, नारायणदास रंगा, अशोक तंवर, राधेश्याम कल्ला, युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास व्यास आदि के नाम गिनाए जा रहे हैं। इन्हीं में से कुछ नाम यूआइटी अध्यक्ष सहित सत्ता से जुड़ी नियुक्तियों के लिए भी दौड़ में हैं। इनमें अधिकांश शाले मोहम्मद और रूपाराम के गुटों में शामिल हैं तो कुछ प्रदेश नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं। वहीं राजस्व मंत्री हरीश चौधरी भी विगत वर्षों के दौरान जैसलमेर कांग्रेस में अपनी अहम भूमिका निभाते आए हैं। उनकी भूमिका इस बार कैसी रहेगी, यह भी देखने वाली बात है। प्रदेश कांग्रेस सचिव और जिला प्रभारी श्रवण पटेल प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार पिछले अर्से के दौरान दोनों खेमों के मुखियाओं से सम्पर्क कर सहमति कायम करने का प्रयास करते रहे हैं।

सहमति से होगा फैसला
जिला कांग्रेस संगठन और सत्ता से जुड़ी नियुक्तियों के लिए मंथन चल रहा है। पार्टी में टकराव जैसी कोई बात नहीं है। आगामी दिनों में सहमति निर्माण कर सरकार व संगठन स्तर पर नियुक्तियां की जाएंगी। अधिकांश नियुक्तियां इसी माह होने की उम्मीद है।
-श्रवण पटेल, जिला कांग्रेस प्रभारी, जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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