जैसलमेर. ग्राम विकास को लेकर केन्द्र और राज्य सरकारें कितने ही बढ़-चढक़र दावे करें, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत दूसरी ही नजर आ रही है। विशाल भूभाग में फैले मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में ग्राम विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ग्राम पंचायतों के कामकाज को संभालने के लिए महज ४४ फीसदी ग्रामसेवक ही कार्यरत हैं, वहीं ५६ फीसदी ग्राम पंचायतें स्थानापन्न आधार पर संचालित की जा रही हैं। जिले में ग्रामसेवकों की कमी विगत कईवर्षों से बदस्तूर कायम है, जबकि सरकार ने आबादी और क्षेत्र के आधार पर एक दर्जन नई ग्राम पंचायतों का सृजन और कर दिया।