नर्मदा नहर का AEN जगदीशचन्द्र एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

नर्मदा नहर का AEN जगदीशचन्द्र  एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार
-विभाग में मचा हड़कम्प, कार्यालय समय में भी सूने पड़े रहे गलियारे, न अधिकारी दिखा न ही कर्मचारी

Khushal Singh Bhati | Updated: 23 Sep 2019, 08:20:26 PM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India


-विभाग में मचा हड़कम्प, कार्यालय समय में भी सूने पड़े रहे गलियारे, न अधिकारी दिखा न ही कर्मचारी

सांचौर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने सांचौर में सोमवार को बड़ी कार्रवाई कर नर्मदा नहर परियोजना के सहायक अभियन्ता जगदीशचन्द्र वर्मा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया।कार्रवाई से नर्मदा नहर विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं एसीबी की कार्रवाई की भनक लगते ही नर्मदा विभाग में कार्य करने वाले कार्मिक व अधिकारी लंच के बहाने कुर्सी छोड़ चले गए। जिसको लेकर कार्यालय समय के बावजूद शाम तक नर्मदा नहर परियोजना के सभी कार्यालय सूने नजर आए।वहीं दूसरी तरफ एसीबी की कार्रवाई शाम तक जारी रही।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर प्रथम, द्वारा बताया गया कि परिवादी बृजवल्लभ शर्मा द्वारा सिंचाई विभाग नर्मदा नहर परियोजना सांचौर जिला- जालोर के वर्क ऑर्डर के किए गए काम के पेटे रूके हुए फाइनल बिल व अमानत राशि का भुगतान और टाइम लिमिट बनाने की एवज में सह परिवादी रामविलास शर्मा से रिश्वत की मांग की गई थी। जिस पर दिनांक २८ अगस्त २०१९ को रिश्वत राशि मांग सत्यापन होने पर सोमवार को एक लाख रुपए की रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए एईएन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोकचन्द्र शर्मा के निर्देशन में ट्रेपकर्ता अधिकारी उप अधीक्षक नीरज गुरनानी, पुलिस निरीक्षक श्रवण कुमार, हैड कांस्टेबल मनोहरसिंह, अनिलसिंह, राजबाला, रमेश कुमार व चालक महेश कुमार द्वारा कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
आरोपी को भनक तक नहीं लगी
एसीबी जयपुर टीम द्वारा नर्मदा नहर के सहायक अभियन्ता के घर पर की गई कार्यवाही के दौरान जब परिवादी ने रिश्वत की राशि थमाई, तो इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
अनियमितता शिकायत के बावजूद भी नहीं होती सुनवाई
नर्मदा नहर परियोजना के तहत विकास कार्यों में अलग- अलग मद से बजट स्वीकृत कर टेन्डर जारी कर दिए जाते है।लेकिन काम की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग नहीं होती है। विभाग की ओर से किए जाने वाले कार्यों में हमेशा अनियमितता की शिकायत की जाती है। लोगों की ओर से शिकायत भी की जाती है। लेकिन ठेकेदारों की मिलीभगत से अधिकारी भी कार्यवाही नहीं करते है।
कई बार हो चुकी है अनियमितता की शिकायत
नर्मदा नहर परियोजना के भ्रष्टाचार व अनियमितता को लेकर लोगों की ओर से कई बार शिकायत की जाती रही है। नर्मदा नहर परियोजना मुख्यालय परिसर में बनी सड़क जिसे बने सालभर ही नहीं हुआ।यह सड़क गुणवता के अभाव में बिखर गई है। नर्मदा कैनाल के किनारे बनी सड़कें भी साल भर के भीतर ही गड्ढों में तब्दील हो गई है। ऐसे में विभाग के मुख्यालय के टैल तक के निर्माण के नाम पर करोड़ो रुपए अनियमितता की भेंट चढऩे के बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
सूने पड़े रहे कार्यालय, नदारद रहे अधिकारी
नर्मदा नहर परियोजना के सहायक अभियन्ता जगदीचंद्र शर्मा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथो गिरफ्तार करने के बाद विभाग परिसर में बने कार्यालय सूने नजर आए। कार्यवाही के डर से कई अधिकारी अपने दफ्तर नहीं पहुंचे। कई अधिकारियों ने कार्रवाई के डर से अपने फोन भी स्वीच ऑफ कर लिए। कई अधिकारियों के सरकारी आवास भी सूने नजर आए।
इनका कहना
परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाने के बाद पुष्टि होने पर कार्रवाई को लेकर योजना बनाई। परिवादी से आरोपित ने ज्योंहि रिश्वत की राशि ली, तो टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की संपति, चल-अचल संपति को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।इसका खुलासा शीघ्र ही करेंगे। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
-आलोकचन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned