बस-ट्रेलर की भिड़ंत के बाद लगी आग, बस चालक जिन्दा जला

बस-ट्रेलर की भिड़ंत के बाद लगी आग, बस चालक जिन्दा जला
Fire after bus-trailer clash, bus driver dies alive

Dharmendra Ramawat | Updated: 26 Apr 2018, 10:34:53 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

11 जने घायल, दो की हालत गंभीर

सांचौर. क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर माखुपुरा चैक पोस्ट के पास अल सवेरे करीब 5 बजे सुरत से रामदेवरा जाने वाली निजी ट्रावेल्स की बस और ट्रेलर में जोरदार भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। जिससे सिवाणा निवासी बस चालक जबरसिंह (35) पुत्र खनगसिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक चालक का शव सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया, जिसकी सूचना उसके परिरजनों को दी गई। वहीं हादसे में करीब ११ लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर सांचौर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कमालपुरा के निजी अस्पताल पहुंचाया। वहीं हादसे में घायल दो जनों की हालत गम्भीर बनी हुई है। इनमें से एक यात्री के दोनों पैर कट गए। हादसा इतना भीषण था कि भिड़न्त के बाद ट्रेलर का डीजल टैंक फटने से दोनों वाहनों में आग लग गई। जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि हादसे में पहले ट्रेलर में आग लगी। जिसके कारण बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इधर, जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और बस में सवार यात्रियों को कांच तोड़कर बाहर निकाला गया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई।
चार किमी दूर थी दमकल, डेढ़ घंटे में पहुंची
हादसे के दौरान घटनास्थल से महज चार किमी दूर ही खड़ी नगरपालिका की दमकल को फोन पर सूचना दी गई, लेकिन वह करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। तब तक दोनों वाहन जलकर नष्ट हो गए थे। साथ ही बस में सवार यात्रियों के लगेज व नगदी भी जल गई। यात्रियों ने बताया कि हादसा अलसुबह करीब पांच बजे हुआ, जबकि दमकल साढ़े छह बजे घटना स्थल पर पहुंची। हादसे के बाद घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इस दौरान घायलों के लिए ६ युवाओं ने आपातकाल में रक्तदान कर जान बचाई। मानव सेवा समिति के रमेश मालू व जगदीश पुरोहित अल सवेरे से ही घायलों की सहायता में लगे रहे।
नींद के झपकी बनी हादसे का कारण
सुरत से रामदेवरा जाने वाली निजी बस यात्रियों से ठसाठस भरी हुई थी। यात्रियों ने बताया कि दोनों वाहनों की रफ्तार अधिक होने व बस चालक को आई नींद की झपकी हादसे का कारण बनी। दोनों वाहनों की जोरदार भिडंत से ट्रेलर का डीजल टैंक फट गया। इसके बाद आग ने बस को भी चपेट में ले लिया।
तो बच जाता बस चालक
हादसे के बाद बस का अगला हिस्सा चालक की सीट सहित टे्रलर में टूट कर घुस गया। जिससे बस चालक की दोनों टांगे कट गई और वह उछल कर बस से बाहर गिर गया। घायल यात्रियों ने बताया कि रेंगता हुए चालक ने बचने की खूब कोशिश की,लेकिन चारों ओर फैली आग के कारण वह उसमें जिंदा जल गया। यात्रियों ने बताया कि अगर दमकल समय पर पहुंचती तो उसकी जान बच सकती थी।
ये हुए घायल
हादसे में रंगाला निवासी किशनाराम (30) पुत्र विरधाराम जाट, चोरडिय़ा शेरगढ़ निवासी महेन्द्रसिंह (30) पुत्र दलपतसिंह, दाखा सिवाणा निवासी नरेन्द्रसिंह (40) पुत्र कर्णसिंह राजपूत, हवालिया शेरगढ़ निवासी गजाराम (40) पुत्र मूलाराम नाई, होटलू पचपदरा निवासी उमेदाराम (34) पुत्र भोमाराम कलबी, राजूराम (35) पुत्र मगाराम कलबी, समदड़ी निवासी हितेश (37) पुत्र हीरालाल, दिनेश (33) पुत्र हनुमानचंद जैन, पारलू निवासी चेतन पुत्र मोतीलाल जैन, वेदान्त (4) पुत्र चेतन जैन, सिणधरी निवासी धर्मेन्द्र (29) पुत्र नथमल जीरावल गम्भीर रूप से घायल हो गए। वहीं हादसे में होटलू निवासी राजूराम के दोनों पैर कट गए। जिसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सिवाड़ा में हादसों की हो रही पुनरावृत्ति
बाड़मेर को सांचौर से जोडऩे वाले इस मार्ग पर यह पहला हादसा नहीं है। इससे पूर्व 16 जून 2012 को भी ट्रेलर और बस में आमने सामने की भिड़ंत हुई थी। जहां पर 19 लोग जिंदा जल गए थे। उनकी पहचान तक नहीं हो पाई थी और बाद में शवों के स्थान पर पुतलों का अंतिम संस्कार करना पड़ा था। इस बस में कुल 6 1 सवारियां भरी हुई थी।इसके अलावा भी सिवाड़ा में हादसे हो चुके है। इस मार्ग पर वाहन ओवरलोड ही चलते हैं।सवारियां भी अधिक भरी रहती है, लेकिन विभाग की अनदेखी और साठ गांठ से ऐसे गंभीर हादसे होते हैं। वहीं करीब 3 साल पूर्व 2015 में भी एक बस, ट्रक और ऊंटगाड़ी का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिस हादसे में भी एक ही परिवार के 5 जनों को जान गंवानी पड़ी थी।
हाईवे के आस पास अतिक्रमण भी कारण
एक तरफ विभाग की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन रही है।वहीं दूसरी तरफ हाईवे की सीमा में अतिक्रमण भी हादसों का पर्याय बन रहे हैं। सड़क के किनारे कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर और गड्ढे हैं, जिससे मार्ग संकरे हो चुके हैं। यही नहीं एनएच होने के बाद भी मापदंडों की अवहेलना की जा रही है। गौरतलब है कि 2014 में ही सिवाड़ा के निकट ही हाइवे के किनारे मिट्टी के ढेर के चलते ओवरटेक के दौरान बस पलट गई थी। जिससे यात्री घायल हो गए थे।
इनका कहना है...
हादसे के दौरान बस में सवार कई यात्री कांच तोड़कर बाहर निकले। उस समय भी आग भभक रही थी। हादसे के बाद पुलिस जरूर समय पर पहुंच गई, लेकिन दमकल देरी से पहुंची, जिससे बस पूरी जल गई और यात्रियों की नगदी व लगेज भी जलकर नष्ट हो गए।
-दिनेश जैन, यात्री
बस में अचानक आग लगने के बाद लोगों ने जैसे-तैसे कर जान बचाई। इलाज के पैसे और लगेज भी जल गया। शुक्र है जान बच गई।
- गजाराम नाई, यात्री

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