जालोर में भी ना हो जाएं सूरत जैसे हालात,  फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं

जालोर में भी ना हो जाएं सूरत जैसे हालात,  फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं
जालोर में भी ना हो जाएं सूरत जैसे हालात,  फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं

Dharmendra Ramawat | Publish: May, 26 2019 10:57:26 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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जालोर. सूरत के तक्षशिला कॉम्पलेक्स में शुक्रवार को लगी भयंकर आग के बाद 19 जनों ने जान गंवा दी। आग लगने के दौरान इस कॉम्पलेक्स में चल रही कोचिंग क्लास में 50 से ज्यादा बच्चे थे, लेकिन निकासी और आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण बच्चों को जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदना पड़ा। जिले में भी ऐसी कई बहुमंजिला इमारतें हाल ही में बनाई गई हैं। जिनमें बिल्डिंग बायलॉज के नियमों को खुलकर दरकिनार किया गया है। साथ ही साथ इनमें हादसों के दौरान बचाव से संबंधित पर्याप्त संसाधनों और निकासी के मार्गों का भी अभाव है। अब सूरत में हुए इस अग्निकांड के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं की जांच के लिए अग्निशमन अधिकारी को नियुक्त किया है जो टीम सहित जिले में बनी इन इमारतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। वहीं नियम विरुद्ध इमारतों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नहीं लेते फायर एनओसी
जिले की तीनों नगर निकायों में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में नियमों को दरकिनार किया गया है। खुद नगरपरिषद अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग निर्माण से पहले दिए गए नक्शे के मुताबिक निर्माण के अलावा फायर एनओसी लेना बेहद जरूरी है। मगर मौका स्थिति जांची जाए तो शहर में कई जगहों पर इमारतों का निर्माण नक्शे के विपरीत और नियम विरुद्ध किया गया है। वहीं ऐसी इमारतों के निर्माण से पहले ना तो फायर सेफ्टी एनओसी ली गई और ना ही फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था की गई।
सिर्फ दे रहे नोटिस
नगरपरिषद क्षेत्र में चल रहे अनधिकृत व बिना स्वीकृति निर्माण कार्यों को लेकर नगरपरिषद टीम ने गत 19 मई को ही सर्किट हाऊस के सामने और तिलक द्वार के पास स्थित भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे। वहीं नवम्बर 2017 में ऐसी 52 जगहें चिह्नित कर सम्बंधित के नाम नोटिस जारी किए थे, लेकिन नोटिस जारी करने के बावजूद इनमें से जवाब महज 18 जनों ने ही दिए। जबकि 9 जनों ने नोटिस तामिल ही नहीं नहीं किए या कार्मिकों को मौके पर कोई मिला ही नहीं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि जिन्होंने नोटिस के जवाब नहीं दिए हैं या नोटिस तामिल नहीं किए हैं उनका निर्माण अनधिकृत या बिना स्वीकृति के ही हो रहा था। इसके बावजूद आज तक संबंधित के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सिर्फ अल्टीमेटम, आज तक नहीं हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि नगरपरिषद क्षेत्र में बने भवनों में अनुमोदित नक्शे के विपरीत हो रखे निर्माण कार्यों को हटाने के लिए तत्कालीन आयुक्त ने भू-स्वामियों को अक्टूबर २०१७ में १५ दिन का अल्टीमेटम जारी किया था। समाचार पत्रों में भी आम सूचना जारी कर न्यायालय के निर्देश का हवाला दिया था, लेकिन १५ दिन बाद तो दूर की बात आज तक एक भी भू-स्वामी का निर्माण अवैध घोषित कर इसे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।
आयुक्त ने जारी किए आदेश, खाली करेंगे भवन
इधर, नगरपरिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने शुक्रवार को गुजरात राज्य के सूरत शहर में भीषण अग्निकांड के बाद राज्य सरकार से मिले निर्देशों पर एक कार्यालय आदेश जारी किया है। जिसमें बताया गया कि अक्सर नगर निकाय क्षेत्र में निर्मित बहुमंजिला इमारतों में फायर एनओसी नहीं ली जाती है और न ही फायर सेफ्टी के लिए कोई व्यवस्था की जाती है। ऐसे में अब जालोर, भीनमाल और सांचौर नगर निकायों में ऐसी इमारतों की जांच के लिए जालोर नगरपरिषद के अग्निशमन अधिकारी द्वारकाप्रसाद को नियुक्त किया गया है जो टीम सहित इन सभी जगहों पर स्थित बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच करेंगे। वहीं रोजाना परिषद क्षेत्र में कम से कम 5 स्थानों व पालिका क्षेत्र में 2 स्थानों पर फायर सेफ्टी ड्रिल का अभ्यास करेंगे। इसके अलावा जांच में फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं होने पर नियमानुसार ऐसी इमारतों खाली करवाया जाएगा।

बहुमंजिला इमारतों का किया निरीक्षण
भीनमाल. सूरत में बहुमंजिला इमारत में आग की घटना के बाद ईओ शिकेश कांकरिया के निर्देश पर जालोर के सहायक अग्निशमन अधिकारी द्वारका प्रसाद के नेतृत्व में नगरपालिका की टीम ने शनिवार को शहर की बहुमंजिला इमारतों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होने बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ््टी की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर भवन मालिकों को हर मंजिल पर सुरक्षा उपकरणों को लगाने के निर्देश दिए। इस मौके जगदीश पूनिया, सुरेन्द्रसिंह, मनोहरसिंह राजपुरोहित, फायरमैन दूदाराम, रतनलाल, रवि कुमार, पपाराम, जावेद व ड्राइवर दिनेश सहित कई कर्मचारी मौजूद थे।
आदेश जारी किए हैं...
राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के तीनों नगर निकायों में स्थित बहुमंजिला इमारतें में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर प्रभारी नियुक्त कर जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही तीन दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जांच में फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं होने पर नियमानुसार संबंधित जगह पर कार्रवाई कर भवन खाली करवाएंगे। इसके अलावा नगर निकायों में फायर सेफ्टी ड्रिल के अभ्यास के भी निर्देश दिए हैं।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त नगरपरिषद, जालोर

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